बिहार में डिजिटल क्रांति : पाटलिपुत्र में बारह मेगावाट क्षमता के पहले डेटा सेंटर का भव्य शुभारंभ, दस हजार करोड़ के भारी-भरकम निवेश से चमकेगी तकदीर!

बिहार के औद्योगिक और तकनीकी इतिहास में आज एक ऐतिहासिक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। राजधानी पटना के पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र में राज्य के पहले अत्याधुनिक बारह मेगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस बहुप्रतीक्षित और महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने से बिहार अब देश के डिजिटल और तकनीकी मानचित्र पर एक मजबूत ताकत के रूप में उभरने लगा है। इस शानदार अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और फीता काटकर इस सेंटर राष्ट्र को समर्पित किया।

पटना के पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र में आयोजित उद्घाटन समारोह के दौरान दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए सम्राट चौधरी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति।

उद्घाटन के पश्चात मुख्यमंत्री ने प्रथम तल पर स्थित कंपनी के डेटा सेंटर कक्ष का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां से संचालित होने वाली डिजिटल गतिविधियों तथा तकनीकी प्रणालियों की पूरी जानकारी ली।

दस हजार करोड़ का भारी निवेश, सृजित होंगे रोजगार के अथाह अवसर

इस ऐतिहासिक अवसर पर राज्य सरकार के उद्योग विभाग और कंपनी के बीच दस हजार करोड़ रुपये के वृहद निवेश हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह भारी-भरकम निवेश आने वाले समय में बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगा और प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में क्रांति लाएगा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उद्योगों का तेजी से विकास ही बिहार की अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदलने का सबसे बड़ा माध्यम है।

अगले पांच वर्षों में एक हजार मेगावाट क्षमता का लक्ष्य

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों के भीतर बिहार में कम से कम एक हजार मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि राज्य में बिजली की उपलब्धता और बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। सरकार अब नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोतों को भी बढ़ावा दे रही है ताकि भविष्य की औद्योगिक जरूरतों को सुगमता से पूरा किया जा सके।

औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए भूमि की कमी आड़े न आए, इसके लिए लगभग तेरह हजार एकड़ भूमि से संबंधित प्रक्रिया पर तेजी से काम चल रहा है। गंगा पार और हाजीपुर क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण समेत विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों को युद्धस्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य भर में बन रहे नए एक्सप्रेस-वे, हाईवे और अन्य आधुनिक आधारभूत संरचनाओं को उद्योगों से जोड़कर निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है।

राजस्व बढ़ाने और आत्मनिर्भर बिहार का संकल्प

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वर्तमान में बिहार का बजट लगभग तीन लाख सैंतालीस हजार करोड़ रुपये है, जबकि राज्य का अपना राजस्व करीब सत्तर हजार करोड़ रुपये है। सरकार का लक्ष्य इस अपने राजस्व को बढ़ाकर दो लाख करोड़ रुपये तक पहुँचाना है, जिसके लिए तकनीक, उद्योग और भारी निवेश का विस्तार अनिवार्य है।

इस भव्य और गरिमामयी कार्यक्रम में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, बियाडा के प्रबंध निदेशक नवीन कुमार, उद्योग विभाग के निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता, कंपनी के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीधर पिन्नापुरेड्डी, कार्यकारी निदेशक कमलवर्धन राव सहित कई अन्य विशिष्ट अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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