मोबाइल चोरी के बदले बांटा जा रहा था नशा, दो शातिर तस्कर गिरफ्तार; पटना से जुड़ा है गिरोह का मुख्य तार
हाजीपुर / वैशाली: वैशाली पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार और जहर बांटने वाले नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन नीलकंठ’ के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गंगाब्रिज थाना क्षेत्र में छापेमारी कर घातक नशीले इंजेक्शनों के अवैध धंधे का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन, चोरी के मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल और नकद राशि बरामद की गई है।

चेकिंग के दौरान हत्थे चढ़ा तस्कर, घर में पड़ा छापा
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गंगाब्रिज थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि मोटरसाइकिल सवार कुछ व्यक्ति संदिग्ध नशीले पदार्थों के साथ हाजीपुर की ओर बढ़ रहे हैं। इसके बाद तेरसिया मोड़ के पास सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया। चेकिंग के दौरान बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल सवार संदिग्ध पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए एक चालक को दबोच लिया।

पकड़े गए व्यक्ति के झोले की तलाशी लेने पर भारी संख्या में नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए। पूछताछ के आधार पर पुलिस और मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में सैफपुर स्थित दूसरे आरोपी के घर पर छापेमारी की गई, जहां से प्रतिबंधित दवाओं और इंजेक्शनों का विशाल जखीरा बरामद हुआ।
चोरी के मोबाइल के बदले मिलता था नशे की खुराक
मामले की जानकारी देते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक वैशाली शुभांक मिश्रा ने बताया कि इस नेटवर्क का तरीका बेहद चौंकाने वाला था। नशे के आदी युवक या चोरी करने वाले लोग जब चोरी के मोबाइल फोन लाते थे, तो उन्हें पैसे देने के बजाय बदले में नशे के इंजेक्शन और दवाएं दी जाती थीं। इस सिंडिकेट का सबसे बड़ा शिकार स्थानीय गंगा तटीय इलाकों (तेरसिया) के स्कूली बच्चे और कॉलेज के युवा हो रहे थे।

पटना के आलमगंज और खाजेकला से सप्लाई चेन
वरीय पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस नेटवर्क का मुख्य तार (बैकवर्ड लिंकेज) पटना जिले के आलमगंज और खाजेकला थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। गंगा नदी पार से इन दवाओं की मुख्य सप्लाई की जाती थी, जिसे यहां लाकर छोटे-छोटे पंचायतों में बांटा जाता था। औषधि निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) द्वारा जब्त सामानों की जांच कराई गई है, जिसमें प्रतिबंधित केमिकल होने की पुष्टि हुई है।
बरामद सामानों की सूची:
- नशीले इंजेक्शन: विभिन्न ब्रांड्स के 1,000 से अधिक नशीले एम्प्यूल/इंजेक्शंस।
- सर्जिकल सामग्री: सिरिंज, सर्जिकल दस्ताने एवं अन्य संबंधित सामग्री।
- नकद राशि: 48,400 रुपये।
- मोबाइल फोन: विभिन्न कंपनियों के 13 मोबाइल फोन।
- वाहन: 01 मोटरसाइकिल।

गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम एवं पता:
- मिथलेश कुमार, पिता- परमानंद राय, निवासी- तेरसिया, थाना- गंगाब्रिज, जिला- वैशाली।
- संजय राय, पिता- महीपत राय, निवासी- सैफपुर, थाना- गंगाब्रिज, जिला- वैशाली।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गंगाब्रिज थाना कांड संख्या 287/26 दर्ज कर एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही, इस सफलता में शामिल छापेमारी टीम को वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा पुरस्कृत भी किया जा रहा है।

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