बंदरा में ‘समरसता दिवस’ के रूप में मनाई गई जयंती, एनडीए सरकार द्वारा विकसित ‘पंचतीर्थ’ पर हुई चर्चा

बंदरा (मुजफ्फरपुर): संविधान शिल्पी और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती रविवार को प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने बाबा साहेब के पदचिन्हों पर चलने और उनके द्वारा दिखाए गए समानता के मार्ग को अपनाने का संकल्प लिया।

नमन: बंदरा के महेशपुर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते मंडल महामंत्री श्याम किशोर कुशवाहा, वार्ड सदस्य प्रेमलाल पासवान व अन्य ग्रामीण।

महेशपुर में भाजपा का समरसता समागम

बंदरा मंडल पूर्वी के तेपरी पंचायत अंतर्गत महेशपुर (वार्ड संख्या 01, बूथ संख्या 406) में स्थानीय वार्ड सदस्य व भाजपा कार्यकर्ता प्रेमलाल पासवान के नेतृत्व में ‘समरसता दिवस’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मंडल महामंत्री श्याम किशोर कुशवाहा ने केंद्र की एनडीए सरकार द्वारा बाबा साहेब को दिए गए सम्मान का उल्लेख किया।

कुशवाहा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बाबा साहेब की याद में स्थापित पंचतीर्थ के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि सरकार ने उनके जीवन से जुड़े पाँच महत्वपूर्ण स्थलों को राष्ट्रीय प्रेरणा केंद्र के रूप में विकसित किया है:

  • जन्मभूमि (महू): जिसे अब आधिकारिक तौर पर ‘डॉ. अंबेडकर नगर’ का नाम दिया गया है।
  • शिक्षा भूमि (लंदन): वह ऐतिहासिक घर जहाँ बाबा साहेब रहकर पढ़ाई की, उसे भारत सरकार ने खरीद कर भव्य स्मारक बनाया।
  • दीक्षा भूमि (नागपुर): जहाँ उन्होंने मानवता का संदेश फैलाने के लिए बौद्ध धर्म अपनाया।
  • परिनिर्वाण भूमि (दिल्ली): 26 अलीपुर रोड स्थित निवास, जिसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया गया।
  • चैत्य भूमि (मुंबई): अंतिम संस्कार स्थल, जहाँ आज लाखों लोग श्रद्धा अर्पित करने पहुँचते हैं।

उमेश कुमार राम बाबा साहेब के चित्र पर किया पुष्पांजलि अर्पित

दूसरी ओर, अखिल भारतीय रविदास जागरण महासभा के अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य उमेश कुमार राम ने सकरा सु० विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ बाबा साहेब की 126वीं जयंती मनाई। उन्होंने बाबा साहेब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके मूल मंत्र— शिक्षित बनो, संगठित हो, संघर्ष करो” को जीवन में उतारने की अपील की।

श्री राम ने जोश भरते हुए कहा, बाबा साहेब कहते थे कि शिक्षा शेरनी की वह दूध है, जो इसे पियेगा वो दहाड़ेगा। आज समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति को जागरूक और शिक्षित होने की सबसे अधिक आवश्यकता है।”

कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी

इस पावन अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में अधिवक्ता मनोज कु० सिंह, मो० गुलाम मैनुद्दीन, अनीता देवी, श्रद्धा खुशी, शिवम कुमार, सिद्धार्थ कुमार, डॉ० मनीष यादव, मो० हैदर रजक, सरोज कुमार उर्फ हरी यादव, दिनेश पासवान, गीता देवी, साधना देवी, उर्मिला देवी, उचित पासवान, चुनचुन कुमार और संजय चौधरी सहित भारी संख्या में ग्रामीण व कार्यकर्ता उपस्थित थे।


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