17 साल के छात्र सार्थक सिद्धांत ने खोला सीबीएसई की धांधली का चिट्ठा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज, स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तीखा पलटवार: “राहुल गांधी हताश, हार के कारण पहुंचे अलग मानसिक अवस्था में”
विशेष संवाददाता। देश की शिक्षा व्यवस्था और करोड़ों छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कटघरे में खड़ा करते हुए NEET और CBSE परीक्षाओं में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा, “भारत का युवा अब नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं करता। पेपर व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर खुलेआम बिक रहे हैं, और पूरी व्यवस्था सड़ चुकी है।”

‘माफिया कैसे काम करते हैं, बच्चों को सब पता है‘
NEET के पीड़ित छात्रों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि देश के बच्चों को यह अच्छी तरह पता है कि पेपर किस कीमत पर बिक रहे हैं और इसके पीछे कौन सा माफिया काम कर रहा है। राहुल ने सवाल उठाया कि “जो बात देश के मासूम बच्चों को पता है, वो सरकार और जांच एजेंसियों को क्यों नहीं पता?” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज कितनी शर्मनाक स्थिति है कि जिस सेना का काम देश की सीमाओं की रक्षा करना है, उसे मोदी सरकार के भ्रष्टाचार से बच्चों के पेपर बचाने के लिए तैनात किया जा रहा है।
17 साल के ‘जेन जेड‘ छात्र ने उड़ाए सरकार के होश!
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा धमाका 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत के खुलासे से हुआ है। सार्थक ने सीबीएसई (CBSE) के ही आधिकारिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए अपने ब्लॉग में यह उजागर किया है कि कैसे सीबीएसई ने अपनी चयन प्रक्रिया में हेरफेर किया।
आरोप है कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) जैसी प्रतिष्ठित कंपनी को दरकिनार करके ‘कोएम्पीटी‘ (Coempti) नाम की कंपनी को ‘सीबीएसई ओएसएम अनुबंध’ सौंप दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि यह कंपनी पहले ‘ग्लोबअरेना‘ के नाम से काम कर रही थी और पहले से ही भारी विवादों और जांच के घेरे में फंसी हुई थी।

शिक्षा मंत्री से राहुल के 5 तीखे सवाल:
राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि आप मुझ पर चाहे जितने हमले कर लें, लेकिन आप अपने अपराधों से मुक्त नहीं हो सकते। उन्होंने सरकार से पांच सीधे सवाल पूछे हैं:
- विवादों में घिरी कंपनी ‘कोएम्पीटी’ को किसके आदेश पर अनुबंध सौंपा गया?
- कंपनी को ठेका देने से पहले उसकी ‘बैकग्राउंड जांच’ (Background Check) क्यों नहीं की गई?
- कोएम्पीटी के प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या गुप्त संबंध हैं?
- जब 18.5 लाख बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है, तो पीएम मोदी चुप क्यों हैं? वे किसे बचा रहे हैं?
- अगर पीएम को देश के छात्रों की फिक्र होती, तो शिक्षा मंत्री को बहुत पहले बर्खास्त क्यों नहीं किया गया?

“टुकड़ों में सुधार से अब काम नहीं चलेगा। छात्रों, शिक्षकों और एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर पूरी परीक्षा व्यवस्था को नए सिरे से बनाना होगा। हम और बच्चे नहीं खो सकते।” — राहुल गांधी
स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग
राहुल गांधी ने सार्थक सिद्धांत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत की ‘जेन जेड’ (आज की युवा पीढ़ी) बेहद प्रतिभाशाली और निडर है। इस महाघोटाले की पूरी परिधि और गहराई को सामने लाने के लिए अब केवल और केवल एक स्वतंत्र न्यायिक जांच ही एकमात्र रास्ता बची है। विपक्ष ने चेतावनी दी है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगी।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तीखा पलटवार: “राहुल गांधी हताश, हार के कारण पहुंचे अलग मानसिक अवस्था में”
विपक्ष के तीखे हमलों और आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर सीधा पलटवार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीबीएसई (CBSE) ने इस मामले पर पहले ही अपनी स्थिति साफ कर दी है और पूरी प्रक्रिया भारत सरकार की खरीद नीति के पूर्णतः अनुरूप है। राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमला बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, “लगातार चुनावी हार के कारण राहुल गांधी भारी हताशा में हैं और वे किसी अलग ही मानसिक अवस्था में पहुंच चुके प्रतीत होते हैं। उन्होंने हमेशा देश की वैज्ञानिक प्रगति, डिजिटल इंडिया और ईवीएम का विरोध किया है।” हालांकि, परीक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने संवेदनशील रुख अपनाते हुए कहा, “मैं सरकार की ओर से किसी भी असुविधा के लिए स्वयं जिम्मेदारी लेता हूँ, लेकिन यह समय राजनीति करने का नहीं है। हमें ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहिए जिससे छात्रों का मानसिक तनाव और बढ़े, राजनीति बाद में भी की जा सकती है।” मंत्री ने देश को भरोसा दिलाया कि यदि इस मामले में कोई भी अनियमितता पाई जाती है, तो किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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