नई दिल्ली:बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में बिहार के रेलवे बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास और सूचना प्रौद्योगिकी के विस्तार को लेकर कई ऐतिहासिक और बड़े फैसले लिए गए हैं। बैठक के दौरान राज्य में यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

सीतामढ़ी-अयोध्या वंदे भारत और गंगा नदी पर नए पुल को मंजूरी
बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण सीतामढ़ी और अयोध्या के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाने के प्रस्ताव पर बनी सहमति रही। इस रेल सेवा के शुरू होने से माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी और भगवान राम की नगरी अयोध्या के बीच आवागमन पूरी तरह सुगम हो जाएगा तथा धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, प्रस्तावित विक्रमशिला-कटरिया रेल लाइन के तहत गंगा नदी पर नए रेल-सह-सड़क पुल के निर्माण के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई है। साथ ही, बिहटा-औरंगाबाद और सुल्तानगंज-कटोरिया रेल लाइन परियोजनाओं के कार्यों में भी तेजी लाने का निर्णय लिया गया।

दीपावली और छठ पर चलेंगी 15 हजार ट्रेनें, प्रकाश पर्व पर भी खास तैयारी
त्योहारों के मौसम में घर आने वाले प्रवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री द्वारा दीपावली एवं छठ महापर्व पर बिहार के लिए विशेष ट्रेनें चलाने के अनुरोध पर केंद्रीय रेल मंत्री ने बताया कि इस बार सामान्य तौर पर संचालित लगभग 12 हजार ट्रेनों की तुलना में 15 हजार ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, जनवरी 2027 में पटना साहिब में आयोजित होने वाले गुरु गोविंद सिंह महाराज के 360वें प्रकाश पर्व को ध्यान में रखते हुए 9 से 16 जनवरी के बीच बिहार के लिए विशेष अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई असुविधा न हो।

मढ़ौरा-मधेपुरा कारखानों की क्षमता होगी दोगुनी, राजापाकर में सेमीकंडक्टर उद्योग की सुगबुगाहट
बिहार के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए मढ़ौरा और मधेपुरा स्थित रेल इंजन निर्माण कारखानों की क्षमता को दोगुना करने पर सहमति बनी है। मौजूदा उत्पादन व्यवस्था वर्ष 2028 में समाप्त होने के लगभग छह महीने बाद नए स्वरूप में उत्पादन पुनः शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही, राजापाकर क्षेत्र में बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर उद्योग की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। केंद्रीय मंत्री ने राजापाकर में उपलब्ध भूमि का विस्तृत नक्शा तैयार करने का सुझाव दिया है, ताकि फॉक्सकॉन जैसी बड़ी कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित किया जा सके। इसके अलावा, गयाजी इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) को डोभी-चतरा रेल लाइन से जोड़ने और राज्य में बड़े बीपीओ तथा मैन्युफैक्चरिंग सिटी विकसित करने की योजनाओं पर भी मुहर लगी है।

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