विशेष संवाददाता, पटना/बेगूसराय 29 मई, 2026
बिहार में सम्राट सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को निगरानी विभाग की एक विशेष धावादल ने बेगूसराय जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में छापेमारी कर एक शातिर घूसखोरी के रैकेट का भंडाफोड़ किया है। ब्यूरो ने मौके से कार्यालय के लिपिक (क्लर्क) संजय कुमार और उसके लिए काम करने वाले बिचौलिए (दलाल) शिवानंद झा को ₹6,000 की नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।

वाहन ट्रांसफर के नाम पर मांगी जा रही थी घूस
मिली जानकारी के अनुसार, बेगूसराय के चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र के सकरौली ग्राम निवासी परिवादी सत्यम कुमार (पिता- राम पुनीत महतो) ने पटना स्थित निगरानी ब्यूरो के मुख्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। सत्यम कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उनके वाहन का ट्रांसफर करने के एवज में जिला परिवहन कार्यालय के लिपिक संजय कुमार द्वारा मोटी घूस की मांग की जा रही है और बिना पैसे दिए काम अटकाया जा रहा है।
जाल बिछाकर निगरानी ने दबोचा
शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गुप्त रूप से सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी क्लर्क द्वारा रिश्वत मांगे जाने का पुख्ता प्रमाण पाया गया। आरोप सही पाए जाने पर तुरंत एक्शन लेते हुए निगरानी थाना कांड सं०-063/26 (दिनांक 27.05.2026) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
अनुसंधानकर्ता सह पुलिस उपाधीक्षक (DSP) रंजीत कुमार निराला के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया गया। शुक्रवार को जैसे ही परिवादी ने केमिकल लगे हुए ₹6,000 के नोट बिचौलिए (दलाल) शिवानंद झा को सौंपे, पहले से घात लगाए बैठी निगरानी की टीम ने उसे व्यवहार न्यायालय, बेगूसराय के दक्षिणी गेट के सामने स्थित रोड से दबोच लिया। वहीं, मुख्य आरोपी लिपिक संजय कुमार को जिला परिवहन कार्यालय में स्थित उसके केबिन (कार्यालय कक्ष) से रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

आंकड़ों की जुबानी: 2026 में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार
निगरानी ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भ्रष्टाचारियों के खिलाफ यह कार्रवाई थमने का नाम नहीं ले रही है।
- वर्ष 2026 की कार्रवाई: इस साल अब तक भ्रष्टाचार के खिलाफ कुल 63वीं प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।
- ट्रैप केस: रंगे हाथ पकड़ने का यह इस साल का 58वां कांड है, जिसके तहत अब तक कुल 57 अभियुक्तों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
- कुल बरामदगी: इस साल अब तक घूसखोरों के पास से कुल ₹24,09,300 (चौबीस लाख नौ हजार तीन सौ रुपये) की रिश्वत राशि बरामद की जा चुकी है। (बता दें कि पिछले वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे, जिसमें ₹37,80,300 बरामद हुए थे।)
अब कोर्ट में होगी पेशी
गिरफ्तारी के बाद दोनों अभियुक्तों से बेगूसराय में गहन पूछताछ की गई है। निगरानी के अधिकारियों के मुताबिक, कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को भागलपुर स्थित माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी) में पेश किया जाएगा। इस मामले में आगे की कड़ाई से तफ्तीश की जा रही है ताकि कार्यालय में चल रहे अन्य संभावित बिचौलियों के नेटवर्क को भी नेस्तनाबूद किया जा सके।

ब्यूरो की अपील: घूस मांगे तो तुरंत यहां करें शिकायत!
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी लोक सेवक (अधिकारी या कर्मचारी) किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो डरे नहीं, बल्कि तुरंत नीचे दिए गए नंबरों पर शिकायत दर्ज कराएं:
- लैंडलाइन नंबर: 0612-2215030, 0612-2215032, 0612-2215033, 0612-2215036, 0612-2215037, 0612-2999752
- 24 घंटे हेल्पलाइन: 0612-2215344
- मोबाइल नंबर: 7765953261
- व्हाट्सएप नंबर: 9473494167
- ई-मेल: spvig-bih@nic.in
- पता: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो बिहार, 6 सर्कुलर रोड, पटना।
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