मुजफ्फरपुर: सोशल मीडिया पर ‘दबंगई’ दिखाने के लिए हथियारों का प्रदर्शन करना अब मुजफ्फरपुर में युवाओं को महंगा पड़ रहा है। हाल ही में वायरल हुए दो अलग-अलग वीडियो के मामलों में मुजफ्फरपुर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए एक तरफ जहां अवैध हथियार रखने वालों को सलाखों के पीछे भेजा है, वहीं दूसरी तरफ भ्रम फैलाने वाली अफवाहों का भी खंडन किया है।

बोचहां में ‘रील‘ बनी काल, गिरफ्तार हुए तीन युवक
मुजफ्फरपुर (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक, श्री राजेश कुमार सिंह प्रभाकर ने प्रेस वार्ता में बताया कि बोचहां थाना क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था, जिसमें कुछ युवक अवैध हथियारों के साथ प्रदर्शन कर रहे थे। जानकारी मिलते ही मुजफ्फरपुर के सीनियर एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया।
डीआईयू और बोचहां पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में वीडियो में दिख रहे आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संजीव कुमार, रूपेश कुमार और गुड्डू कुमार नामक तीन युवकों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने इनके पास से अवैध देशी पिस्टल और मैगजीन बरामद की है। पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि गुड्डू कुमार का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। फिलहाल, तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले के ‘फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंकेज’ की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हथियार कहां से आए और इनकी क्या मंशा थी।
कांटी वाला वीडियो निकला ‘फेक‘, मामला पुराना और हथियार था ‘खिलौना‘
एक तरफ जहां बोचहां में पुलिस ने असली हथियारों के साथ आरोपियों को पकड़ा, वहीं कांटी थाना क्षेत्र से संबंधित एक अन्य वायरल वीडियो की सच्चाई कुछ और ही निकली।
इस मामले में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पश्चिमी-01), श्रीमती सुचित्रा कुमारी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि निहाल कुमार नाम के युवक का जो वीडियो वायरल हुआ था, उसकी गहन जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि वह वीडियो सात-आठ साल पुराना है। वीडियो में युवक द्वारा जिस हथियार का प्रदर्शन किया जा रहा था, वह कोई असली हथियार नहीं बल्कि एक ‘लाइटर गन‘ थी। पुलिस ने पुष्टि की है कि इस मामले में निहाल कुमार के विरुद्ध थाना में कोई आपराधिक शिकायत दर्ज नहीं है।






