समस्तीपुर (पूसा): डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के जलवायु परिवर्तन पर उच्च अध्ययन केन्द्र ने उत्तर बिहार के जिलों के लिए आगामी पांच दिनों का विशेष मौसम पूर्वानुमान और कृषि परामर्श जारी किया है । ग्रामीण कृषि मौसम सेवा द्वारा जारी इस बुलेटिन के अनुसार, आने वाले 48 घंटों में क्षेत्र के मौसम में बड़े बदलाव की संभावना है ।

गर्मी के साथ आएगी आंधी-बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 21 और 22 मार्च को उत्तर बिहार के आसमान में हल्के बादल छाए रह सकते हैं, जिसके प्रभाव से हल्की वर्षा होने का अनुमान है । इस दौरान प्रकृति का रौद्र रूप भी देखने को मिल सकता है, क्योंकि कई स्थानों पर आकाशीय बिजली (वज्रपात) चमकने, तेज हवाएं चलने और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने की भी आशंका जताई गई है । शेष दिनों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा ।
तापमान में उछाल और पछिया हवा का जोर
आगामी दिनों में गर्मी का असर बढ़ेगा। अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है । इसके साथ ही 9 से 12 किमी प्रति घंटा की औसत रफ्तार से मुख्य रूप से पछिया हवा चलने की संभावना है । सुबह के समय आर्द्रता 55-65% और दोपहर में 30-35% तक रह सकती है ।

किसानों के लिए जरूरी सलाह: क्या करें और क्या न करें
विश्वविद्यालय के नोडल पदाधिकारी डॉ. ए. सत्तार ने मौसम के उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसानों को सतर्क रहने को कहा है:
- सिंचाई पर रोक: संभावित वर्षा को देखते हुए भिंडी, नेनुआ, करेला, लौकी और खीरा जैसी गरमा सब्जियों में 21-22 मार्च तक सिंचाई न करें । बारिश न होने की स्थिति में ही पानी दें ।
- गेहूं और मक्का: रबी मक्का और देर से बोए गए गेहूं में दाना बनने और दूध भरने की अवस्था है, इसलिए पर्याप्त नमी रखें, लेकिन सिंचाई तभी करें जब हवा शांत हो ।
- कीट नियंत्रण: बढ़ते तापमान में थ्रिप्स कीट का प्रकोप बढ़ सकता है, जो पत्तियों को सफेद और टेढ़ा कर देते हैं । इसके बचाव हेतु प्रोफेनोफॉस (1 मि.ली./लीटर) या इमिडाक्लोप्रिड (1 मि.ली./4 लीटर पानी) का छिड़काव 10-15 दिन के अंतराल पर बदल-बदल कर करें ।
- आम के बाग: मंजर से लेकर मटर के दाने के बराबर फल बनने तक किसी भी रासायनिक दवा का प्रयोग न करें । विकृत मंजरों को तोड़कर नष्ट कर दें ।
- नई बुआई: किसान गरमा मूंग और उड़द की बुआई को प्राथमिकता दें । बुआई से पहले बीज को कार्बेन्डाजिम और राइजोबियम कल्चर से उपचारित अवश्य करें ।
पशुओं का रखें खास ख्याल
बढ़ती गर्मी और लू जैसी स्थितियों से बचाने के लिए दुधारू पशुओं को दिन के समय छायादार और सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है । साथ ही उन्हें पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ और ताजा पानी पिलाएं ताकि वे लू की चपेट में न आएं ।




