समस्तीपुर, 24 सितंबर 2026: बिहार के समस्तीपुर जिले में महिलाओं और छात्राओं पर बढ़ते अत्याचार, उत्पीड़न और छेड़खानी की घटनाओं के खिलाफ आक्रोश उमड़ पड़ा है। कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर में एक छात्रा के साथ हुई कथित छेड़खानी की घटना और मुसरीघरारी के लाटबसेपुरा में हुई छेड़खानी की घटना के विरोध में बृहस्पतिवार की शाम समस्तीपुर शहर के स्टेडियम गोलंबर पर एक उग्र प्रतिवाद जुलूस निकाला गया और विशाल सभा का आयोजन किया गया। नागरिक समाज, आइसा एवं ऐपवा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

बेटियों की सुरक्षा में विफल सरकार पर फूटा गुस्सा सभा के दौरान वक्ताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने बढ़ते अपराधों के विरोध में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला फूंका और उनके इस्तीफे की मांग की।

दोषियों को बचाने पर पुलिस-प्रशासन को घेरा सभा की संयुक्त अध्यक्षता ऐपवा की जिला अध्यक्ष बंदना सिंह और आइसा के जिला अध्यक्ष लोकेश राज ने की। वहीं, मंच का संचालन भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह और आइसा जिला सचिव सुनील कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
सभा को संबोधित करते हुए आइसा जिला सचिव सुनील कुमार सिंह ने तीखा सवाल उठाया कि यदि वीडियो वायरल होने पर ही पुलिस कार्रवाई करती है, तो फिर उस वीडियो को वायरल करने वाले पत्रकार और आईडी धारक पर कार्रवाई क्यों की जा रही है? उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े किए।

ऐपवा जिला अध्यक्ष बंदना सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में दो टूक कहा कि जिले में छेड़खानी के तमाम मामलों के आरोपियों को बचाने का खेल चल रहा है। उन्होंने मांग की कि छेड़खानी के सभी आरोपियों को संरक्षण देने के बजाय तत्काल जेल के सलाखों के पीछे बंद किया जाए।
प्रमुख वक्ताओं ने की कड़ी कार्रवाई की मांग इस प्रतिवाद सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों, ट्रेड यूनियनों और सामाजिक संगठनों के दिग्गजों ने हिस्सा लिया। सभा को संबोधित करने वालों में नागरिक समाज के दीनबंधु प्रसाद, मो० सगीर, मनोज कुमार सिंह, जीतेन्द्र कुमार; भाकपा माले के जीतेंद्र कुशवाहा, राजकुमार चौधरी, रामलाल राम; पूर्व वार्ड पार्षद अर्जुन कुमार, संजीत पासवान; आइसा के दीपक यदुवंशी, धीरज कुमार, हिमांशु कुमार, अनील कुमार, संजीव कुमार, गोलू कुमार, द्रख्शा जबीं, मो० मेराज आलम; राजद के राम विनोद पासवान; कांग्रेस के विश्वनाथ सिंह हजारी; सामाजिक कार्यकर्ता शाहीद हुसैन; एनजीओ संघ के अधिवक्ता संजय कुमार बबलू; रेलवे ट्रेड यूनियन के संतोष कुमार निराला और सामाजिक कार्यकर्ता अशोक कुमार सहित कई अन्य लोग शामिल रहे।

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अपराध बेहद चिंताजनक हैं। पुलिस-प्रशासन को मामलों में लीपापोती करने के बजाय दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोर सजा दिलानी चाहिए। साथ ही, पीड़िता को न्याय, सुरक्षा और समुचित सहायता मुहैया कराने की पुरजोर मांग की गई।
कार्यक्रम के अंत में तमाम लोगों ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया कि महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा और ऐसी घटनाओं के खिलाफ वे लगातार आवाज उठाते रहेंगे।

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