समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले से एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगत सिंहपुर बांध के पास कुछ मनचलों द्वारा एक नाबालिग लड़की के साथ अभद्र व्यवहार करने का मामला प्रकाश में आया है। घटना करीब एक सप्ताह पुरानी (संभवतः 15 सितंबर 2026) बताई जा रही है, जिसका वीडियो कल दिनांक 23 सितंबर 2026 की संध्या में अचानक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।

मामले की संवेदनशीलता को भांपते हुए समस्तीपुर पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और महज 6 घंटे के भीतर सभी 4 आरोपियों को धर दबोचा। यह त्वरित कार्रवाई कानून व्यवस्था के प्रति पुलिस की सख्ती और मुस्तैदी का एक बड़ा उदाहरण पेश करती है।
पुलिस अधीक्षक का तीखा बयान: “सभ्य समाज में ऐसी मानसिकता के लिए कोई जगह नहीं”
मामले का खुलासा करते हुए समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक अरविन्द प्रताप सिंह ने मीडिया को संबोधित किया और पूरी घटना की परतें खोलीं। एसपी ने बताया कि कल रात्रि लगभग 10 बजे के आसपास, सोशल मीडिया पेट्रोलिंग के दौरान यह वीडियो उनकी नजर में आया। वीडियो में 3-4 लोग एक लड़की के साथ अभद्र व्यवहार करते नजर आ रहे थे।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना वक्त गंवाए तकनीकी सर्विलांस और सत्यापन का काम शुरू किया। जांच में पता चला कि घटना स्थल कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगत सिंहपुर स्थित बांध के पास की सड़क है। चूंकि वीडियो में दिख रही पीड़िता प्रथम दृष्टया नाबालिग प्रतीत हो रही थी, इसलिए पुलिस ने बिना किसी औपचारिकता के इंतजार किए त्वरित कदम उठाया। पीड़िता की पहचान तत्काल स्पष्ट न हो पाने के कारण पुलिस पदाधिकारी के बयान पर ही कर्पूरीग्राम थाना कांड संख्या 117-26, दिनांक 24 सितंबर 2026 दर्ज किया गया। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।

महज 6 घंटे में शिकंजे में आए चारों आरोपी
समस्तीपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जगत सिंहपुर और बिजौलिया गांवों में छापेमारी की और वीडियो में दिख रहे सभी आरोपियों की पहचान कर ली। घटना की सूचना मिलने के मात्र 6 घंटे के भीतर चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम निम्नलिखित हैं:
- विकास कुमार, पिता – रामसुंदर शर्मा (निवासी – जगत सिंहपुर)
- राहुल कुमार, पिता – अरुण पासवान (निवासी – जगत सिंहपुर)
- रामबाबू सहनी, पिता – महेश्वर सहनी (निवासी – जगत सिंहपुर)
- अवधेश पासवान, पिता – नेवालाल पासवान (निवासी – बिजौलिया)

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इनमें से एक आरोपी पूर्व में शराब से जुड़े मामलों में भी जेल जा चुका है। पुलिस अब इन सभी आरोपियों और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के आपराधिक इतिहास का भी सत्यापन कर रही है ताकि इनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी शिकंजा कसा जा सके। इसके अलावा, जिस मोबाइल फोन से यह वीडियो रीसर्विस होकर वायरल हुआ था, उसे भी पुलिस ने सीज कर लिया है।
सोशल मीडिया यूजर्स के लिए कड़ी चेतावनी और अपील
इस पूरी घटना के बाद समस्तीपुर पुलिस ने समाज और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए एक सख्त संदेश जारी किया है। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि इस प्रकार के कृत्य आज के सभ्य समाज में कतई क्षम्य नहीं हैं।

पुलिस ने आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि वे भूलकर भी ऐसा कोई वीडियो, फोटो या कंटेंट शेयर न करें जिससे पीड़िता की पहचान उजागर हो या उसे भविष्य में मानसिक व सामाजिक क्षति का सामना करना पड़े। जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत इस तरह के वीडियो को फॉरवर्ड या शेयर करना भी एक गंभीर और संघीय अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की सामग्री को प्रसारित करता पाया गया, तो उस पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न केवल सोशल मीडिया के दुरुपयोग और बढ़ती आपराधिक प्रवृत्तियों पर एक करारा तमाचा है, बल्कि पुलिस प्रशासन की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई यह भी साबित करती है कि अपराधियों के लिए कानून के लंबे हाथों से बचना नामुमकिन है।

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