सकरा (मुजफ्फरपुर ) | सकरा प्रखंड क्षेत्र के मझौलिया, प्रगति मोड़ स्थित शिक्षण संस्थान वेव वर्ल्ड स्कूल में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रथम टर्मिनल परीक्षा का परिणाम बेहद गरिमामयी, अनुशासित और उत्साहजनक माहौल में घोषित किया गया। परिणाम घोषणा के साथ ही संपूर्ण विद्यालय परिसर बच्चों की किलकारियों, तालियों की गड़गड़ाहट और अभिभावकों के हर्षोल्लास से गूंज उठा। विद्यालय प्रशासन की ओर से आयोजित इस विशेष सम्मान समारोह में प्रत्येक कक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल, ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय में केवल परीक्षा परिणाम ही घोषित नहीं किए गए, बल्कि बच्चों की बौद्धिक एवं व्यावहारिक क्षमता को परखने के लिए एक भव्य शैक्षणिक व वैज्ञानिक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इसमें नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं ने अपनी सोच, रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का परिचय देते हुए पर्यावरण, जल संरक्षण और जीव विज्ञान से जुड़े कई सजीव और कार्यशील मॉडल्स का प्रदर्शन कर उपस्थित अतिथियों व अभिभावकों को आश्चर्यचकित कर दिया।

वैज्ञानिक प्रतिभा का दिखा अद्भुत नजारा: वॉटर साइकिल और प्यूरिफिकेशन मॉडल ने खींचा ध्यान
किताबी ज्ञान से परे बच्चों में व्यावहारिक समझ विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने विज्ञान के जटिल सिद्धांतों को बहुत ही सरल और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मुख्य प्रोजेक्ट्स में वॉटर साइकिल (जल चक्र), वॉटर प्यूरिफिकेशन (जल शोधन प्रणाली) और बटरफ्लाई लाइफ साइकिल (तितली का जीवन चक्र) विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

- जल चक्र और जल संरक्षण : बच्चों ने थर्मोकोल, रंगों और जल की धारा के माध्यम से यह दर्शाया कि किस प्रकार समुद्र का पानी भाप बनकर उड़ता है, बादल बनता है और पुनः वर्षा के रूप में धरती पर लौटता है। इसके साथ ही उन्होंने दूषित पानी को प्राकृतिक तरीकों से साफ करने के लिए ‘वॉटर प्यूरिफिकेशन’ का लाइव मॉडल बनाकर दिखाया।
- तितली का जीवन चक्र : प्राथमिक वर्ग के नन्हे विद्यार्थियों ने तितली के अंडे से लेकर इल्ली (कैटरपिलर), प्यूपा और सुंदर तितली बनने तक के पूरे सफर को जीवंत कलाकृतियों के जरिए पेश किया।
प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए अतिथियों और अभिभावकों ने कहा कि इतनी कम उम्र में बच्चों के अंदर विज्ञान के प्रति ऐसी रुचि और समझ देखना वाकई काबिले तारीफ है। विद्यालय का यह प्रयास बच्चों में बाल-वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने वाला है।
इन होनहारों ने मारी बाजी, मिला सम्मान
प्रथम टर्मिनल परीक्षा में शत-प्रतिशत निष्ठा और लगन से पढ़ाई कर अपनी-अपनी कक्षाओं में सर्वोच्च स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को मंच पर बुलाकर मेडल पहनाया गया। मेडल मिलते ही बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
सफलता का परचम लहराने वाले प्रमुख विद्यार्थियों में निहारिका, अंश राज, उत्सव, सैफ अली, संजना, अभिनव, अन्नू, श्रेयांश, कृष, कृष्णा, नैतिक और अंकज शामिल हैं, जिन्होंने अपनी-अपनी कक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मेडल अपने नाम किया। इन सभी बच्चों के अलावा अन्य विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट अंक लाने वाले एवं बेहतर अनुशासन प्रदर्शित करने वाले छात्र-छात्राओं को भी सांत्वना पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर उनका हौसला बढ़ाया गया।

कठिन परिश्रम ही सफलता का एकमात्र मार्ग: निदेशक राजीव कुमार गुप्ता
समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के निदेशक राजीव कुमार गुप्ता ने सभी सफल छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों और समर्पित शिक्षक-शिक्षिकाओं को बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा:
“शिक्षा का वास्तविक अर्थ केवल किताबों को रटना और परीक्षा में अंक लाना नहीं है, बल्कि बच्चे के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा देना है। आज के इस दौर में व्यावहारिक ज्ञान का होना बेहद जरूरी है। हमारे विद्यालय का सदैव यह प्रयास रहता है कि हम बच्चों को अनुशासित वातावरण के साथ-साथ आधुनिक और तकनीकी शिक्षा से जोड़ें। जिन बच्चों ने इस परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, वे बधाई के पात्र हैं, लेकिन जो बच्चे किसी कारणवश पीछे रह गए हैं, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। यह परिणाम उनके लिए खुद को और बेहतर बनाने का एक अवसर है।”
इस अवसर पर दिव्या मैम ने भी बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि बच्चों की इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के मार्गदर्शन का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे घर पर भी बच्चों की पढ़ाई और उनकी गतिविधियों पर निरंतर ध्यान दें, ताकि बच्चे पढ़ाई को बोझ न समझकर रुचि के साथ सीख सकें।

शिक्षकों के मार्गदर्शन से मिली सफलता
कार्यक्रम को सुचारू और अनुशासित ढंग से संपन्न कराने में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। परीक्षा की तैयारी से लेकर परिणाम तैयार करने और प्रदर्शनी के मार्गदर्शन तक, शिक्षकों ने बच्चों के साथ दिन-रात मेहनत की थी।
समारोह के दौरान मंच संचालन और व्यवस्था संभालने में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं—प्राची, अदीबा, प्रियंका, आदित्य, रोशन, अर्चना, नेहा, आरती और रूपम मुस्तैदी से उपस्थित रहे। सभी शिक्षकों ने बच्चों को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
अभिभावकों ने जताया आभार, परिसर में रहा उत्सव जैसा माहौल
परीक्षा परिणाम और मेडल वितरण कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के माता-पिता एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे। अपने बच्चों को मंच पर सम्मानित होते देख कई अभिभावक भावुक हो गए।
अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वेव वर्ल्ड स्कूल न केवल गुणात्मक शिक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और वैज्ञानिक गतिविधियों का यह संतुलन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख रहा है।कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ । पूरे दिन विद्यालय में उत्सव और उत्साह जैसा माहौल बना रहा।
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