ताजपुर में प्रखंड कमिटी की रणनीतिक बैठक में बनी सरकार को घेरने की अचूक रणनीति; बिजली, सड़क, अपराध और बेरोजगारी पर सीधे टकराने का महासंकल्प।
ताजपुर/समस्तीपुर, 4 जून 2026 बिहार में गरीब-गुरबों की आवाज बुलंद करने वाली पार्टी भाकपा माले ने अब सरकार की दमनकारी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सीधे युद्ध का बिगुल फूंक दिया है। ताजपुर प्रखंड कमिटी की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और गर्मा गरम बैठक में क्षेत्र की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार पर तीखे हमले किए गए। बैठक में मुख्य रूप से आसमान छूती महंगाई, भयावह बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने तथा गरीबों के आशियाने पर चल रहे ‘बुलडोजर राज‘ के खिलाफ एक व्यापक और उग्र जन-आंदोलन खड़ा करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।

“गरीबों पर बुलडोजर चलाना बर्दाश्त नहीं करेगी माले”
बतौर पर्यवेक्षक बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन हो चुकी है। वह आम जनता और किसानों-मजदूरों के बुनियादी हकों को नजरअंदाज कर सीधे तौर पर दमनकारी नीतियों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “गरीबों, मजदूरों, किसानों और समाज के सबसे कमजोर तबकों की बुनियादी समस्याओं का न्यायसंगत समाधान खोजने के बजाय, सरकार अपनी ताकत के नशे में चूर होकर बुलडोजर की हिंसक राजनीति कर रही है। भाकपा माले इस तानाशाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।”

अफसरशाही के खिलाफ घेराव और गांव-गांव महासंपर्क
बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने आगामी रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि पार्टी चुप नहीं बैठेगी। जन-मुद्दों को लेकर अब सीधे ‘गांव-गांव जनसंपर्क अभियान’ चलाया जाएगा। आम जनता को टोलों और गांवों में बड़े पैमाने पर संगठित कर चरणबद्ध और आर-पार का आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस रणनीति के तहत बिजली की किल्लत, टूटी सड़कें, पानी की समस्या, राशन की कालाबाजारी, पीएम आवास योजना में भ्रष्टाचार, मनरेगा में काम न मिलना और किसानों की बदहाली को लेकर सीधे संबंधित अधिकारियों के दफ्तरों का घेराव कर मांगपत्र सौंपा जाएगा।
बढ़ते अपराध, बलात्कार और हत्या पर फूटा गुस्सा
बैठक में सूबे में लगातार बढ़ती बलात्कार, हत्या और भीषण अपराध की घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा की गई और अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण बंद करने की मांग की गई। संगठन को और अधिक धारदार बनाने के लिए जून महीने में महिला संगठन ऐपवा, युवा संगठन आरवाईए, छात्र संगठन आइसा, किसान महासभा और खेग्रामस की विस्तारित बैठकें और कन्वेंशन आयोजित कर युवाओं और महिलाओं को इस महासंग्राम से जोड़ने का महा-संकल्प लिया गया।
इन दिग्गजों ने भरी हुंकार
इस महा-बैठक में संगठन को मजबूत बनाने और सदस्यता अभियान तेज करने का संकल्प लिया गया। बैठक में मुख्य रूप से आसिफ होदा, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, प्रभात रंजन गुप्ता, मो० एजाज, संजीव कुमार राय, मुंशीलाल राय, नीलम देवी, रंजू कुमारी, मुकेश कुमार गुप्ता, शंकर महतो, ललन दास, राजदेव प्रसाद सिंह, जीतेंद्र सहनी समेत दर्जनों पार्टी नेताओं और जांबाज कार्यकर्ताओं ने जन-संघर्षों को अंतिम सांस तक तेज करने पर जोर दिया।
अन्य खबरों के लिए नीचे ’न्यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,
|| https://newsbharattv.in ||


