पटना। बिहार के शिक्षा विभाग ने राज्य के लाखों शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मदन मोहन झा सभागार, विकास भवन, पटना में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 से जुड़ी कई बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षकों का स्थानांतरण किसी भी स्थिति में जबरन नहीं होगा, बल्कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऐच्छिक होगी।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने नियमावली की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में अधिशेष (सरप्लस) शिक्षकों के समायोजन और समानुपातीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से शुरू कर दिया गया है। नई नियमावली के तहत शिक्षकों को आवेदन करते समय कम से कम 1 और अधिकतम 30 विद्यालयों का विकल्प चुनने की छूट दी गई है। स्थानांतरण की प्रक्रिया केवल उन्हीं विद्यालयों में की जाएगी, जिन्हें शिक्षकों ने अपने विकल्प के रूप में स्वयं चुना होगा।

दो दिनों में ही उमड़ी आवेदकों की भीड़ : 29 जुलाई से ऑनलाइन पोर्टल शुरू होने के बाद मात्र दो दिनों के भीतर शिक्षकों का जबर्दस्त रिस्पांस देखने को मिला है। अब तक कुल 14,796 शिक्षकों ने सफलतापूर्वक अपने ऑनलाइन आवेदन जमा कर दिए हैं। इसके अलावा 7,795 शिक्षकों ने अपना आवेदन फॉर्म भर कर सुरक्षित (सेव) कर लिया है, जिसे वे जल्द ही सबमिट करेंगे। इस तरह अब तक कुल 22,591 अधिशेष शिक्षक इस पूरी स्थानांतरण प्रक्रिया से जुड़ चुके हैं।

म्यूचुअल ट्रांसफर और हेल्पलाइन की सुविधा : शिक्षा विभाग द्वारा आपसी सहमति से स्थानांतरण की सुविधा भी दी गई है। अब तक 2,142 शिक्षकों ने म्यूचुअल ट्रांसफर (पारस्परिक स्थानांतरण) के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है।
आवेदन की प्रक्रिया के दौरान यदि किसी शिक्षक को तकनीकी समस्या या किसी प्रकार का संशय होता है, तो उसके त्वरित निवारण के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। शिक्षक सहायता के लिए 14417 तथा 18003454417 पर संपर्क कर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
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