पटना: बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने और जमीनी वास्तविकताओं को समझने के उद्देश्य से आयोजित ‘शिक्षा संकल्प यात्रा‘ का समापन हो गया है। पटना के गर्दनीबाग स्थित बापू टावर में ‘शिक्षा संकल्प सम्मेलन सह सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

201 दिनों की यात्रा और जमीनी अनुभव
राज्य के सभी 38 जिलों में लगातार 201 दिनों तक चली इस यात्रा के दौरान यात्रा के नायक निमेष शुक्ला ने छात्र-छात्राओं की प्रतिभा, उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं और शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को करीब से समझा है। शिक्षा मंत्री ने उनके इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के जमीनी अनुभवों से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

शिक्षा मंत्री की मुख्य बातें :
- नवाचार और शोध पर जोर: मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में वास्तविक सुधार के लिए जमीनी अनुभव, शोध और नवाचार का समन्वय जरूरी है।
- छात्र-केंद्रित व्यवस्था: यात्रा के दौरान सामने आई जरूरतों और चुनौतियों के आधार पर शिक्षा व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण और छात्र-केंद्रित बनाया जाएगा।
- संकल्प: सरकार का उद्देश्य है कि बिहार का प्रत्येक बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे और विकसित बिहार के निर्माण में अपना योगदान दे।
स्मारिका ‘सुमेधा‘ का लोकार्पण और सम्मान
समारोह के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले मार्गदर्शकों, शिक्षाविदों और विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्मारिका ‘सुमेधा’ का भी लोकार्पण किया गया।

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