युवाओं की बर्बादी बर्दाश्त नहीं! सूखे नशे के खिलाफ बिहार सरकार का कड़ा प्रहार, ताबड़तोड़ एक्शन शुरू

चरस-हेरोइन और अफीम जब्ती के डरावने आंकड़ों पर सरकार गंभीर; जीविका दीदियों और ब्रह्माकुमारी संस्थान के साथ मिलकर राज्यभर में चलेगा आर-पार का अभियान.

पटना: बिहार में युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने और समाज को भीतर से खोखला कर रहे नशाखोरी की  प्रवृत्ति के खिलाफ राज्य सरकार ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। राजधानी पटना के अधिवेशन भवन में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की ओर से आयोजित एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर व्यापक ‘नशामुक्त बिहार अभियान‘ का आक्रामक आगाज किया। यह राज्यव्यापी अभियान 27 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष व्हाट्सऐप चैटबोट और हेल्पलाइन नंबर की शुरुआत करने के साथ-साथ जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया।

(जागरूकता रथ को रवाना करते हुए): पटना के अधिवेशन भवन परिसर में ‘नशामुक्त बिहार अभियान’ के तहत जन-जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं अन्य गणमान्य अधिकारी।

नशे के आंकड़ों पर चिंता: तस्करों के नेटवर्क पर कसेगा शिकंजा

इस अभियान की रूपरेखा और गंभीरता को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए राज्य में पूर्ण शराबबंदी का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। उस समय सीमित बजट के बावजूद राजस्व की चिंता नहीं की गई थी। अब उसी तर्ज पर शराबबंदी को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ राज्य में पैर पसार रहे ‘सूखे नशे’ (ड्रग्स) के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की बेहद

सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं, जिन्होंने प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है:

  • वर्ष 2024 में जहां बिहार में 282 किलोग्राम चरस जब्त की गई थी, वहीं वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 400 किलोग्राम पर पहुंच गया।
  • इसी तरह, वर्ष 2024 में 42 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती हुई थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 65 किलोग्राम हो गई।
  • वर्ष 2025 में अफीम की जब्ती भी 77 किलोग्राम दर्ज की गई।

इन डरावने आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस और उत्पाद विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार में लिप्त अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया जाए। इसके लिए आधुनिक तकनीक का भरपूर इस्तेमाल करने को कहा गया है। वर्तमान में अवैध कारोबार के खिलाफ 20 गुना से अधिक यानी करीब 1700 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनके त्वरित और प्रभावी निपटारे के लिए कई जिलों में विशेष न्यायालयों (स्पेशल कोर्ट) की व्यवस्था की गई है।

युवाओं की बर्बादी रोकने के लिए जनभागीदारी पर जोर

विश्लेषकों का मानना है कि नशे की गिरफ्त में आने वाली युवा पीढ़ी राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए सबसे बड़ा खतरा है। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी नशे की लत के कारण अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा वर्ष 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में बिहार अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। इस महाअभियान को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर सामाजिक सहभागिता तय की गई है:

  • जीविका की लगभग एक करोड़ इक्यासी लाख दीदियों की फौज इस अभियान में जुटी है।
  • छात्र-छात्राओं, युवाओं और ब्रह्माकुमारी संस्थान से जुड़ी बहनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
  • शहरी क्षेत्रों में जहां व्यापक प्रचार-प्रसार होगा, वहीं ग्रामीण इलाकों में नुक्कड़ नाटक, चौपाल और पंचायत स्तर पर जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे।
(संकल्प लेते अधिकारी एवं नागरिक): कार्यक्रम के दौरान राज्य को नशामुक्त बनाने और कभी नशा न करने की सामूहिक शपथ लेते मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, प्रशासनिक अधिकारी और उपस्थित प्रतिभागी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े तमाम जिलों के अधिकारियों और आम नागरिकों को नशीले पदार्थों का सेवन न करने, दूसरों को जागरूक करने तथा अवैध कारोबार को रोकने की सामूहिक शपथ दिलाई।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी, उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर और विभाग के सचिव सह मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, अपर पुलिस महानिदेशक रत्न संजय, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के सचिव नवीन कुमार, जीविका के मुख्य कार्यपालक अधिकारी हिमांशु शर्मा, उत्पाद आयुक्त दिव्या शक्ति, निबंधन महानिरीक्षक कृष्ण चंद्र गुप्ता, ब्रह्माकुमारी संस्थान की राजयोगिनी संगीता देवी, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के० शर्मा सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

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