खाकी और खादी में हड़कंप! घूसखोरों की अब खैर नहीं, निगरानी विभाग ने ली भ्रष्टाचार मिटाने की कसम!

सतर्कता जागरूकता सप्ताह का आगाज; अपर सचिव रामाशंकर ने दिलाई ईमानदारी की शपथ, दो टूक कहा—रिश्वत लेना और देना दोनों महापाप!

पटना: बिहार की प्रशासनिक धुरी राजधानी पटना से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ी और कड़क हुंकार भरी गई है। राज्य के महकमों में बैठे भ्रष्ट तत्वों और घूसखोरों की नींद उड़ाने के लिए निगरानी विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो चुका है। अवसर था सतर्कता जागरूकता सप्ताह (26 अक्टूबर से 01 नवंबर 2026) के भव्य और धमाकेदार आगाज का, जिसकी शुरुआत के साथ ही सरकारी तंत्र में हड़कंप मच गया है।

सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को निगरानी विभाग, बिहार, पटना के मुख्य कार्यालय परिसर में एक उच्चस्तरीय और संकल्पित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विभाग के अपर सचिव रामाशंकर ने मोर्चा संभालते हुए कार्यालय के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को सत्यनिष्ठा, अटूट ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई।

पटना स्थित निगरानी विभाग के कार्यालय परिसर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के शुभारंभ पर सत्यनिष्ठा और ईमानदारी की शपथ लेते अपर सचिव रामाशंकर, संयुक्त सचिव (विधि) जावेद आलम, उप सचिव अतकस बाड़ा, विशेष कार्य पदाधिकारी डेजी ईरानी एवं अन्य पदाधिकारी व कर्मी.

दो टूक संदेश: “रिश्वत लेना और देना दोनों महापाप”

कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक गलियारों में यह संदेश बिल्कुल साफ कर दिया गया कि सरकारी व्यवस्था में अब भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। अपर सचिव रामाशंकर ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि रिश्वत लेना और इसे किसी भी रूप में बढ़ावा देना—दोनों ही गंभीर और नाकाबिले (अक्षम्य) अपराध हैं। भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह संकल्प लिया गया कि जनसेवा में पारदर्शिता, उच्च नैतिक मूल्य और पूर्ण सत्यनिष्ठा ही विभाग का मुख्य आधार होगी।

इन दिग्गजों की मौजूदगी ने बढ़ाई गंभीरता

भ्रष्टाचार के खिलाफ इस महाअभियान और शपथ ग्रहण समारोह में निगरानी विभाग के कई प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक धारदार बना दिया:

  • संयुक्त सचिव (विधि) जावेद आलम
  • उप सचिव अतकस बाड़ा
  • विशेष कार्य पदाधिकारी डेजी ईरानी इन तमाम वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभाग के अन्य दर्जनों कर्मी भी इस ऐतिहासिक संकल्प का हिस्सा बने और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के निर्माण की प्रतिज्ञा ली।

घूसखोरों के लिए सीधी चेतावनी और कड़ा संदेश

इस आयोजन के जरिए यह साफ संदेश दिया गया है कि आने वाले दिनों में निगरानी विभाग भ्रष्टाचार के मामलों पर और अधिक आक्रामक रुख अपनाने वाला है। खाकी से लेकर खादी तक और निचले स्तर के कर्मियों से लेकर बड़े ओहदेदारों तक, सभी पर पैनी नजर रखी जाएगी। यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी घूसखोरी में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून का डंडा पूरी सख्ती से चलेगा।

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