ताजपुर / समस्तीपुर 7 अक्टूबर 2026
ताजपुर की धरती पर बुधवार को राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुँच गई। विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया और लोकतंत्र की कथित हत्या के खिलाफ महागठबंधन के घटक दलों ने सड़कों पर उतरकर विशाल प्रतिरोध मार्च निकाला। “ज्ञानेश हटाओ, लोकतंत्र बचाओ” के नारों से पूरा ताजपुर शहर गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा देश के शीर्ष नेतृत्व पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें ‘वोट चोर’ करार दिया और उनके इस्तीफे की मांग की।

हॉस्पिटल चौक से निकला रोषपूर्ण मार्च
महागठबंधन के तमाम घटक दलों—राजद, कांग्रेस, भाकपा (माले), आईआईपी के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को ताजपुर के हॉस्पिटल चौक से एक विशाल प्रतिरोध मार्च की शुरुआत हुई। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हजारों की संख्या में कार्यकर्ता लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के पक्ष में जोरदार नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। यह मार्च हॉस्पिटल चौक से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरा और अंत में कोल्ड स्टोरेज चौक पहुंचकर एक विशाल जनसभा में तब्दील हो गया।

मंच से वक्ताओं ने बोला तीखा हमला
कोल्ड स्टोरेज चौक पर आयोजित सभा की अध्यक्षता संयुक्त रूप से मो० नूर आलम (राजद प्रखंड अध्यक्ष), सुरेंद्र प्रसाद सिंह (भाकपा माले प्रखंड सचिव), रामप्रीत पासवान (भाकपा अंचल मंत्री), अब्दुल मालिक (कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष) और विजय दास (आईआईपी) ने की।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर बड़े पैमाने पर आम मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह एवं मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर देश के नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन और वोट चोरी कराने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दो टूक कहा कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से मतदाता सूची में की गई यह बड़ी गड़बड़ी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके खिलाफ निर्णायक संघर्ष किया जाएगा।

इन नेताओं ने दी सभा को धार
विशाल सभा को संबोधित करने वाले प्रमुख नेताओं में डोमन राय, विनय कुमार सिंह, संजीत साह, मो० अरमान, मो० सुहैल सिद्धकी, मो० अनबार, मो० गुलबहार आंसारी, महफूज आलम, रामबृक्ष राय, राजेश कुमार, रामकिशोर शुक्ला, विश्वनाथ पंडीत, राजहंस कुमार, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, प्रभात रंजन गुप्ता, शंकर महतो, मनोज कुमार सिंह, संजीव राय, चांद बाबू, रॉकी खान, शाद तौहीदी, मनोज साह, मो० एजाज, तबरेज आलम, विष्णुदेव प्रसाद सिंह, कर्पूरी ठाकुर, सुजीत कुमार, अजहर मिकरानी, मो. आफो, अनिल कुशवाहा, विकास राय, विनोद साह, दीपनारायण सिंह, मो० आरिफ, रजनीश यादव, वैद्यनाथ राय, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, मो० राजू और दीपकलाल निरहुआ शामिल रहे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में ज्ञानेश कुमार और मोदी-शाह को लोकतंत्र विरोधी बताते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग की।

पुतला दहन और आगामी आंदोलन का ऐलान
सभा के अंत में आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का प्रतीकात्मक पुतला फूंका और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया गया।

साथ ही, एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित करते हुए आगामी 8 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से समस्तीपुर शहर के स्टेशन चौक से निकलने वाले विशाल मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होकर इसे ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने की जोरदार अपील की गई।
अन्य खबरों के लिए नीचे ’न्यूज भारत टीवी ’ के लिंक पर क्लिक करें ,
|| https://newsbharattv.in ||













