एमडीडीएम कॉलेज में मानसिक तनाव के खिलाफ खुली जंग: ‘माइंडस्केप 2026’ ने बदला कैंपस का माहौल, छात्राओं ने बुलंद की आवाज!

मुजफ्फरपुर: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एमडीडीएम कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित सप्ताहभर चलने वाले विशेष जागरूकता अभियान ‘माइंडस्केप 2026’ ने कॉलेज परिसर में एक नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव की लहर पैदा कर दी है। प्राचार्या अलका जायसवाल के संरक्षण में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना, भावनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देना और मानसिक तनाव को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को मिटाना रहा।

‘वॉल ऑफ होप’ पर सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश लिखतीं प्राचार्या डा. अलका जायसवाल तथा ‘माइंडस्केप 2026’ के जागरूकता सत्र में ध्यानपूर्वक भाग लेतीं एमडीडीएम कॉलेज की छात्राएं।

रचनात्मक गतिविधियों से जगाई गई चेतना :  पूरे सप्ताह चले इस आयोजन में सैकड़ों की संख्या में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान विभिन्न प्रकार की सहभागितापूर्ण गतिविधियों का आयोजन किया गया:

  • नुक्कड़ नाटक: छात्राओं ने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सामाजिक कुरीतियों, भ्रांतियों और नकारात्मक दृष्टिकोण पर करारा प्रहार किया।
  • वॉल ऑफ होप: इस गतिविधि के तहत छात्राओं ने उम्मीद, सकारात्मकता, आत्मविश्वास और भावनात्मक सहयोग से भरे संदेश लिखकर कैंपस में एक संवेदनशील माहौल का निर्माण किया।
  • ‘मेरी कहानी, मेरा अनुभव’ (कहानी लेखन): छात्राओं ने अपने व्यक्तिगत जीवन की चुनौतियों, संघर्षों और उनसे उबरने की कहानियों को साझा कर आत्म-स्वीकृति और साहस का उदाहरण पेश किया।
  • इमोशन अन्ताक्षरी: इसके जरिए विभिन्न प्रकार की भावनाओं को सहजता और रोचकता के साथ समझने एवं व्यक्त करने का प्रयास किया गया।
  • ह्यूमन चेन फॉर्मेशन: छात्राओं ने मानव श्रृंखला (ह्यूमन चेन) बनाकर एकजुटता, आपसी सहयोग और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सामूहिक संकल्प व्यक्त किया।
  • स्वमूल्यांकन एवं माइंडफुलनेस: छात्राओं को अपने तनाव के स्तर और भावनात्मक स्थिति को समझने के लिए आत्म-जागरूकता गतिविधियों से जोड़ा गया।
एमडीडीएम कॉलेज परिसर में ‘माइंडस्केप 2026’ के तहत विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता बैनर के साथ मानव श्रृंखला बनाकर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति एकजुटता और संवेदनशीलता का संदेश देतीं महाविद्यालय की छात्राएं और प्राध्यापिकाएं।

समय पर मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि हिम्मत है कार्यक्रम के माध्यम से यह कड़ा संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव या कठिनाई में खुलकर बात करना और समय पर सहायता लेना कमजोरी नहीं, बल्कि आत्म-देखभाल और साहस की पहचान है।

कार्यक्रम का समापन 13/10/2026 को माइंडफुलनेस सत्र के साथ होगा, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया जाएगा।

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