आधी रात इंडिया गेट पर बवाल: अंकिता भंडारी के बुजुर्ग माता-पिता को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया, दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाने के विरोध पर मचा सियासी गदर!

नई दिल्ली : आधी रात के सन्नाटे में देश की राजधानी का इंडिया गेट भीषण सियासी घमासान और तनाव का केंद्र बन गया। सितंबर 2022 के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की उम्मीद लगाए बैठे उसके बुजुर्ग माता-पिता, वीरेंद्र सिंह भंडारी और सोनी देवी, को आधी रात के वक्त दिल्ली पुलिस ने जबरन हिरासत में ले लिया। यह पूरी कार्रवाई उस समय हुई जब वे उत्तराखंड के पूर्व प्रभारी और भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल बनाए जाने के फैसले के खिलाफ इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे थे।

इंडिया गेट पर अपनी दिवंगत बेटी अंकिता के लिए न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठी  बुजुर्ग मां सोनी देवी को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस

सीबीआई जांच और ‘वी VIP’ एंगल पर अड़े माता-पिता

अंकिता के परिवार का आरोप है कि रिसॉर्ट हत्याकांड में जिस रहस्यमयी ‘वीआईपी’ कनेक्शन की बातें सामने आती रही हैं, उसमें दुष्यंत कुमार गौतम का नाम भी चर्चा में रहा है। माता-पिता की स्पष्ट मांग है कि जब तक इस पूरे मामले में सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती और कथित ‘वीआईपी’ एंगल का पूरा सच देश के सामने नहीं आ जाता, तब तक दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल पद पर नियुक्त करने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए।

राष्ट्रपति से गुहार और आमरण अनशन की सीधी चेतावनी

धरने के दौरान अंकिता की मां सोनी देवी ने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भावुक गुहार लगाई। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि राष्ट्रपति खुद एक महिला होने के नाते एक लाचार और पीड़ित मां की पीड़ा को समझें तथा राज्यपाल पद की नियुक्ति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाएं। इसके साथ ही परिवार ने कड़े लहजे में चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो वे देहरादून में मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने आमरण अनशन शुरू करेंगे।

राहुल और प्रियंका गांधी का आधी रात को समर्थन, केंद्र सरकार पर तीखा हमला

घटनाक्रम में उस समय बड़ा मोड़ आया जब बुधवार शाम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा खुद इंडिया गेट पहुंचे। दोनों बड़े नेताओं ने सीधे जमीन पर बैठकर अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और मां सोनी देवी से मुलाकात की और उनके संघर्ष को पूरा समर्थन देने का ऐलान किया।

कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि गंभीर आरोपों के घेरे में आए व्यक्ति को सम्मानित पद से नवाजा जा रहा है। कांग्रेस ने रुख साफ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को यह गलतफहमी है कि वे अंकिता के माता-पिता की आवाज को दबा देंगे; कांग्रेस हर हाल में यह सुनिश्चित करेगी कि अंकिता को न्याय मिले। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि क्या अच्छे दिनों वाले भारत में अपनी बेटी के लिए न्याय मांगना अपराध बन गया है?

पुलिस की कड़ी कार्रवाई: बीएनएसएस धारा 163 का हवाला देकर तड़के उठाया

सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने की बात कही। रातभर चले इस धरने के बाद, तड़के करीब 4:00 से 5:00 बजे के आसपास पुलिस बल ने प्रदर्शन स्थल को घेर लिया और अंकिता के बुजुर्ग माता-पिता समेत वहां मौजूद अन्य समर्थकों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, भारी राजनीतिक दबाव और तड़के मचे हंगामे के बाद सुबह के समय उन्हें रिहा कर दिया गया।

पृष्ठभूमि: क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?

उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मुख्य आरोपी रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके अन्य सहयोगियों को अदालत से उम्रकैद की सजा मिल चुकी है। इसके बावजूद, अंकिता का परिवार और स्थानीय लोग शुरू से ही हत्याकांड के पीछे छिपे मुख्य ‘वीआईपी’ चेहरे को बेनकाब करने के लिए निष्पक्ष और गहन सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।

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