अब आधी रात को कौन सुनेगा गरीबों की पुकार? बंदरा के ‘विशेश्वर जी’ अनंत यात्रा पर निकले

शोक में डूबा बंदरा: जनता और प्रशासन के बीच की मजबूत कड़ीटूटा, बूढ़ी गंडक मुक्तिधाम में कल थमेगा कारवां

बंदरा/मुजफ्फरपुर: शासन-प्रशासन और गरीब जनता के बीच एक सशक्त एवं मजबूत कड़ी के रूप में पहचान बनाने वाले, महेशपुर निवासी श्रद्धेय विशेश्वर सहनी अब हमारे बीच नहीं रहे। उनका निधन पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में इलाज के दौरान हो गया। उनके निधन की खबर सुनते ही बंदरा प्रखंड सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त हो गई है। इस दुखद समाचार से हर आंख नम है और लोग यह सोचकर भावुक हैं कि अब उनके सुख-दुख में आधी रात को ढाल बनकर खड़े रहने वाला मसीहा चला गया है।

तस्वीर में: अपनी सादगी और निस्वार्थ समाजसेवा से जन-जन के दिलों में राज करने वाले बंदरा प्रखंड के सर्वप्रिय समाजसेवी दिवंगत श्रद्धेय विशेश्वर सहनी जी (फाइल फोटो)।

समाजसेवी श्याम किशोर सिंह (महेशपुर निवासी) ने दु:ख की इस घड़ी में क्‍या कुछ कहा :

“गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों की एक पुकार पर सदैव उनकी सेवा में उपस्थित रहने वाले विशेश्वर सहनी जी एक सच्चे समाजसेवी थे। उनके निधन से बंदरा प्रखंड सहित पूरे क्षेत्र में शोक की ऐसी लहर व्याप्त है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उनका जाना पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में उच्च स्थान प्रदान करें तथा शोक-संतप्त परिवार को  इस अपार और असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें

निस्वार्थ सेवा के सच्चे प्रतीक थे विशेश्वर जी :  विशेश्वर सहनी महज एक नाम नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के असहायों और जरूरतमंद लोगों के लिए एक अटूट भरोसा थे। गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों की एक पुकार पर सदैव उनकी सेवा में उपस्थित रहने वाले विशेश्वर सहनी जी एक सच्चे समाजसेवी थे। समाज के प्रति उनका समर्पण ऐसा था कि उन्होंने कभी समय या अपनी सहूलियत नहीं देखी, बल्कि लोगों की मदद को ही अपने जीवन का एकमात्र ध्येय माना। उनके जाने से बंदरा प्रखंड ने अपना एक सच्चा सेवक खो दिया है, जिसकी भरपाई नामुमकिन है।

श्रद्धांजलि देने उमड़ा जनसैलाब, हर दल के नेताओं ने व्यक्त की संवेदना  विशेश्वर सहनी  के पार्थिव शरीर के महेशपुर पहुंचते ही उनके शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने और अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करने हेतु लोगों का तांता लग गया। उनकी अंतिम झलक पाने और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भाजपा मंडल अध्यक्ष अशोक सिंह, महामंत्री श्याम किशोर, राजद प्रखंड अध्यक्ष रविंद्र सहनी, शिक्षक ललन प्रसाद सिंह, संजय कुमार ठाकुर सहित सैकड़ों की संख्या में प्रबुद्ध नागरिक, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उनके आवास पर पहुंचे। सभी ने नम आंखों से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

कल बूढ़ी गंडक मुक्तिधाम में दी जाएगी अंतिम विदाई परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, श्रद्धेय विशेश्वर सहनी जी का अंतिम संस्कार कल महेशपुर स्थित बूढ़ी गंडक मुक्तिधाम में पूरे विधि-विधान के साथ किया जाएगा। इस अंतिम सफर में क्षेत्र के हजारों लोगों के जुटने की संभावना है, जहां नम आंखों से इस महान समाजसेवी के पार्थिव शरीर को पंचतत्व में विलीन किया जाएगा और उनके जीवन का यह लोक-कल्याणकारी कारवां हमेशा-हमेशा के लिए थम जाएगा।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here