ऑपरेशन सिंदूर, सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट का नया दौर: अब ‘व्हाइट-कॉलर‘ और अकेले हमला करने वाले आतंकियों को मिट्टी में मिलाने का पूरा प्लान तैयार!
नई दिल्ली : भारत ने सीमा पार आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए अपनी नीति में ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब केवल राजनयिक निंदा का समय खत्म हो चुका है और भारत सीधे घर में घुसकर कड़ा प्रहार करने की रणनीति पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय रक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुश्मन देश को खुली चेतावनी दी है कि पाकिस्तान की सरजमीं से होने वाली किसी भी नापाक आतंकी हरकत का इस बार और भी ज्यादा खौफनाक और कड़ा जवाब दिया जाएगा।

1 साल के भीतर ढेर हो रहे आतंकवादी
रक्षा मंत्री ने आंकड़े पेश करते हुए खुलासा किया कि वर्ष 2014 के बाद से भारतीय सुरक्षा बलों के कड़े रुख के कारण आतंकवादियों का जीवनकाल घटकर औसतन एक वर्ष से भी कम रह गया है। जो भी भारत के खिलाफ हथियार उठाता है, हमारी सेनाएं उसे 12 महीने के भीतर यमलोक भेज देती हैं। उन्होंने साफ किया कि भारत शांति का समर्थक जरूर है, लेकिन इसे देश की कमजोरी समझने की भूल कतई न की जाए।

‘5डी खतरा‘, ‘व्हाइट-कॉलर‘ और अकेले हमलावर आतंकवाद का नया मोड़
सुरक्षा के बदलते परिदृश्य पर चिंता जताते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि अब युद्ध का स्वरूप बदल चुका है। आतंकवाद अब सिर्फ संगठित गिरोहों तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘व्हाइट-कॉलर आतंकवाद’ और ‘लोन वोल्फ’ (अकेले हमला करने वाले) जैसे भयानक रूप ले चुका है। उन्होंने सुरक्षा तंत्र को ‘5डी खतरे’ यानी दुष्प्रचार (डिसइन्फॉर्मेशन), अस्थिरता (डीस्टेबलाइजेशन), व्यवधान (डिसरप्शन), छल (डिसेप्शन) और विनाश (डिस्ट्रक्शन) से सतर्क रहने की हिदायत दी। हाल ही में कैप्टन स्मित मच्छार द्वारा अपनी जान पर खेलकर एक सह-पायलट के विमान दुर्घटनाग्रस्त करने के आतंकी प्रयास को विफल करने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने नागरिकों से सतर्क रहने का आह्वान किया।

‘हार्ड पावर‘ और ‘सॉफ्ट पावर‘ का मेल: भारत की ‘स्मार्ट पावर‘ रणनीति
रक्षा मंत्री ने बताया कि भारत अब अत्याधुनिक सटीक निर्देशित हथियारों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता), ड्रोन, रोबोटिक्स और क्वांटम टेक्नोलॉजी को मिलाकर ‘स्मार्ट पावर’ दृष्टिकोण अपना रहा है।
रक्षा क्षेत्र में भारत की ऐतिहासिक गर्जना:
- 2 लाख करोड़ का उत्पादन लक्ष्य: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का रक्षा उत्पादन वर्ष 2014 के 40,000 करोड़ रुपये से उछलकर 1.78 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इस वर्ष इसे 2 लाख करोड़ और 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये पहुंचाने की तैयारी है।
- 39,000 करोड़ का रिकॉर्ड रक्षा निर्यात: भारत का रक्षा निर्यात बढ़कर 39,000 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है और दुनिया के लगभग 100 देशों को भारतीय हथियार बेचे जा रहे हैं।
- 90% गोला-बारूद अब स्वदेशी: रक्षा बलों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 175 प्रकार के गोला-बारूद में से 159 प्रकार के गोला-बारूद अब भारत में ही निर्मित हो रहे हैं।
- बुलेटप्रूफ जैकेट का सरताज: भारत दुनिया का चौथा ऐसा देश बन गया है जिसके पास बुलेटप्रूफ जैकेट के राष्ट्रीय मानक हैं और 100 से ज्यादा देशों को भारत बुलेटप्रूफ जैकेट निर्यात कर रहा है।

आकाश मिसाइल प्रणाली, ब्रह्मोस और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत 2047 तक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनने और दुनिया को तकनीकी व रक्षा क्षेत्र में दिशा दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अन्य खबरों के लिए नीचे ’न्यूज भारत टीवी ’ के लिंक पर क्लिक करें,
|| https://newsbharattv.in ||

