पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड स्थित हजरतपुर मइरो पंचायत के पंचायत रोजगार सेवक प्रफुल कुमार सिंह को 30,000 रुपये (तीस हजार रुपये) रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। निगरानी की इस अचानक हुई धावा दल की कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

सड़क निर्माण कार्य के एवज में मांगी थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, परिवादी श्रवण चौधरी (पिता: बच्चू चौधरी), साकिन- रौंदी, पो.- करकी, थाना- अरियरी, जिला- शेखपुरा ने पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि पंचायत समिति योजना के तहत ग्राम रौंदी में चौठी चौहान के घर से लेकर सुग्रीव चौहान के घर तक मिट्टी एवं पेवर ब्लॉक बिछाने का कार्य कराया जा रहा है। इस कार्य के एवज में पंचायत रोजगार सेवक प्रफुल कुमार सिंह द्वारा लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी।

जांच में सही पाए गए आरोप, बिछाया गया जाल
शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो द्वारा मामले का गोपनीय तरीके से सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान आरोपी प्रफुल कुमार सिंह द्वारा रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण सही पाया गया। इसके बाद प्रथम दृष्टया आरोप की पुष्टि होते ही निगरानी थाना में कांड संख्या 0-120/26 (दिनांक 12.10.2026) दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुसंधानकर्ता मो. सलाउद्दीन खां (पुलिस निरीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो) के अनुरोध पर सतीश चन्द्र माधव (पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो) के नेतृत्व में एक विशेष धावा दल का गठन किया गया।

प्लास्टिक कचरा निस्तारण केंद्र के पास दबोचा गया
13 अक्टूबर 2026 को निगरानी की टीम ने पूरी रणनीति के साथ अरियरी प्रखंड परिसर के पास जाल बिछाया। जैसे ही प्रफुल कुमार सिंह ने प्लास्टिक कचरा निस्तारण केंद्र के सामने उत्तर पक्की सड़क पर परिवादी श्रवण चौधरी से रिश्वत के 30,000 रुपये स्वीकार किए, निगरानी की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी से पूछताछ के बाद उसे भागलपुर स्थित माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी) में उपस्थापित किया जाएगा।

वर्ष 2026 में 110वां ट्रैप, 111 अभियुक्त हो चुके हैं गिरफ्तार
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। वर्ष 2026 में अब तक निगरानी ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध कुल 120 प्राथमिक दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से यह 110वीं ट्रैप की कार्रवाई थी, जिसके तहत अब तक कुल 111 अभियुक्तों को रंगे हाथ घूस लेते हुए गिरफ्तार किया जा चुका है। ब्यूरो ने इस साल अब तक कुल 38,47,400 रुपये (अड़तीस लाख सैंतालीस हजार चार सौ रुपये) की रिश्वत राशि बरामद की है।
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