एआई की असली ताकत मॉडल नहीं, आम इंसान का जीवन सुधारना: ज्योतिरादित्य सिंधिया

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में एआई फॉर गुड लैब का बड़ा धमाका, फर्जी कनेक्शन और धोखाधड़ी पर बड़ा प्रहार!

नई दिल्ली: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में भारत ने एक नया इतिहास रचते हुए वैश्विक मंच पर अपनी धक जमा दी है। नई दिल्ली में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2026 के दौरान “एआई फॉर गुड लैब वर्कशॉप: फ्रॉम स्ट्रैटेजी टू इम्पैक्ट” का भव्य उद्घाटन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन दूरसंचार विभाग (डीओटी), संचार मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

 इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में “एआई फॉर गुड लैब” कार्यशाला को मंच से संबोधित करते केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया।

एआई की असली ताकत मॉडल नहीं, आम इंसान का जीवन सुधारना: ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि जेनेवा से नई दिल्ली तक ‘एआई फॉर गुड लैब’ का सफर वैश्विक चर्चाओं से निकलकर स्थानीय समाधानों तक पहुँचने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई की असली पहचान उसके मॉडल के आकार या एल्गोरिदम की जटिलता से नहीं, बल्कि इस बात से तय होगी कि उसने कितने आम लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाया है।

ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने भारत की मार्गदर्शक सोच “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” का उल्लेख करते हुए चेतावनी दी कि दुनिया में लगभग 2.2 अरब लोग अभी भी ऑफ लाइन हैं। ऐसे में तकनीक को मानवीय अवसरों को बढ़ाना चाहिए ताकि डिजिटल विभाजन किसी भी स्थिति में एआई विभाजन में न बदलने पाए।

10,000 करोड़ रुपये का इंडिया एआई मिशन और साइबर अपराध पर नकेल

अपने संबोधन में मंत्री ने 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के इंडिया एआई मिशन के तहत भारत की घरेलू एआई क्षमताओं के बारे में विस्तार से बताया।

  • सुपरकंप्यूटिंग पावर: वैश्विक औसत लागत के लगभग एक-तिहाई खर्च पर 38,000 से अधिक हाई-एंड जीपीयू शामिल किए जा चुके हैं तथा 20,000 और नए जीपीयू जोड़े जा रहे हैं।
  • साइबर फ्रॉड पर स्ट्राइक: ‘संचार साथी’ जैसे एआई और डेटा एनालिटिक्स उपकरणों के माध्यम से 7.14 करोड़ से अधिक फर्जी मोबाइल कनेक्शन बंद किए जा चुके हैं। इसके अलावा 35 लाख से अधिक खोए हुए हैंडसेट का पता लगाया गया है और 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित वित्तीय धोखाधड़ी को सफलतापूर्वक रोका गया है।

एआई स्किल में भारत नंबर 1: वर्तमान में एआई कौशल की मौजूदगी के मामले में भारत विश्व में पहले स्थान पर है। गिटहब पर 10 या उससे अधिक स्टार वाली ओपन सोर्स एआई परियोजनाओं में भारतीय डेवलपर्स का योगदान लगभग 5.2 प्रतिशत है।

वैश्विक दक्षिण का नेतृत्व करेगा भारत

भारत आईटीयू के साथ एक पायलट देश के रूप में साझेदारी कर रहा है ताकि वैश्विक दक्षिण में एआई रणनीति और उसके वास्तविक प्रभाव के बीच के अंतर को समाप्त किया जा सके। अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका और खाड़ी देशों के साथ 10 पायलट देशों में से एक के रूप में भारत शेयर्ड कम्‍प्‍यूट, ओपेन डाटासीट और डिजिटल पब्लिक अवसंरचना (डीपीआई) का अपना मॉडल प्रस्तुत कर रहा है।

 नई दिल्ली में आयोजित “एआई फॉर गुड लैब” कार्यशाला के दौरान सभागार में उपस्थित अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि, विशेषज्ञ और गणमान्य अतिथि।

कार्यशाला में उपस्थित प्रमुख हस्तियां

इस अवसर पर कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के अधिकारी एवं विशेषज्ञ मौजूद रहे:

  • अमित अग्रवाल (सचिव, दूरसंचार विभाग)
  • डॉ. बिलेले जमौसी (उपनिदेशक, दूरसंचार मानकीकरण ब्यूरो, आईटीयू)
  • संजीव कुमार शर्मा (उप महानिदेशक, एआई एवं डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट, डीओटी)
  • एस. टी. अब्बास (वरिष्ठ उप महानिदेशक, टीईसी)
  •  कार्यक्रम का समापन एक समावेशी, सुरक्षित, भरोसेमंद और मानव-केंद्रित एआई पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ ।

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