बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: एमएसएमई पुनर्गठन, हेली-टूरिज्म, स्पोर्ट्स साइंस सेंटर और दुर्लभ पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण सहित 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर

पटना। बिहार सरकार की मंत्रिपरिषद की एक अति महत्वपूर्ण बैठक 5 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास, स्वास्थ्य, उद्योग, खेल, पर्यटन, न्याय, समाज कल्याण और कला-संस्कृति से जुड़े कुल 17 बड़े एजेंडों पर प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।

उद्योग एवं रोजगार: एमएसएमई निदेशालय का पुनर्गठन

उद्योग विभाग के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) निदेशालय के संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है। मुख्यालय स्तर पर स्वीकृत 82 पदों में से 26 पद तथा क्षेत्रीय स्तर पर स्वीकृत 31 पदों (कुल 57 पद) को प्रत्यर्पित करते हुए मुख्यालय स्तर पर 106 नए पदों को चिह्नित करने की स्वीकृति दी गई है।

कला, संस्कृति एवं विरासत: दुर्लभ पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण

कला एवं संस्कृति विभाग के तहत भारत सरकार की फ्लैगशिप योजना ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के अंतर्गत राज्य की दुर्लभ पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और डेटाबेस निर्माण के लिए 6,23,68,718 (6 करोड़ 23 लाख 68 हजार 718) रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, पुरातत्व निदेशालय में 16 स्वीकृत तकनीकी पदों के विरुद्ध 12 पदों पर 11 माह की संविदा अथवा नियमित नियुक्ति होने तक नियोजन का निर्णय लिया गया है। वहीं, ‘हर घर तिरंगा अभियान 2026’ के सफल आयोजन हेतु 6,12,00,000 (6 करोड़ 12 लाख) रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

खेल क्षेत्र: राजगीर में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर

राज्य खेल अकादमी, राजगीर के परिसर में आधुनिक ‘स्पोर्ट्स साइंस सेंटर’ (उच्च प्रदर्शन खेल प्रशिक्षण एवं इंजुरी सेंटर) की स्थापना, संचालन और उपकरणों के अधिष्ठापन के लिए लगभग 25,00,00,000 (25 करोड़) रुपये के व्यय को स्वीकृति दी गई है। इसका चयन क्यूसीबीएस (क्वालिटी-कम-कॉस्ट बेस्ड सिलेक्शन) माध्यम से किया जाएगा।

पर्यटन एवं सिविल विमानन: हेली-टूरिज्म और एयर टूरिज्म

राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026’ को मंजूरी दी गई है। इसके तहत पर्यटकों को हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने के लिए प्रति माह 60,00,000 (60 लाख) रुपये (प्लस जीएसटी) तथा अधिकतम 3,30,00,000 (3 करोड़ 30 लाख) रुपये (प्लस जीएसटी) की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

स्वास्थ्य एवं मेडिकल शिक्षा: पीडब्ल्यूसी का चयन और नए पद

सात निश्चय-3 (‘सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन’) के तहत पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर 16 ब्राउनफील्ड चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों (डेंटल कॉलेज सहित) के संचालन हेतु ट्रांजैक्शन एडवाइजर के रूप में प्राइसवाटरहाउसकूपर्स प्राइवेट लिमिटेड (पीडब्ल्यूसी) को चयनित कर एलओए निर्गत करने तथा 8,27,00,300 (8 करोड़ 27 लाख 300) रुपये की योजना की स्वीकृति दी गई है।

साथ ही ‘बिहार जिला आयुष चिकित्सा / राज्य आयुष चिकित्सा सेवा नियमावली-2026’ को मंजूरी मिली है। बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में प्रशासनिक कार्यों के लिए उप कुलसचिव, सहायक कुलसचिव, उप परीक्षा नियंत्रक और सहायक परीक्षा नियंत्रक के कुल 6 नए पदों का सृजन किया गया है। राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, पटना के द्रव्यगुण विभाग में अधिसंख्य पदों के सृजन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।

नगर विकास एवं जलापूर्ति परियोजनाएं

अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) के तहत:

  1. जमालपुर जलापूर्ति परियोजना: 102,22,91,107 (102 करोड़ 22 लाख 91 हजार 107) रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति।
  2. मुंगेर जलापूर्ति परियोजना (फेज-1): 177,72,47,949 (177 करोड़ 72 लाख 47 हजार 949) रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति।

न्याय व्यवस्था और नए न्यायालय

  • एनडीपीएस एक्ट: पूर्णिया, भागलपुर और गया न्यायमंडल में एनडीपीएस कानून के मुकदमों की सुनवाई के लिए अनन्य विशेष न्यायालयों की स्थापना हेतु 27 अराजपत्रित पदों के सृजन की स्वीकृति।
  • एससी/एसटी एक्ट: बेतिया, मधुबनी, आरा, सिवान, अररिया, सुपौल, खगड़िया, जहानाबाद, बक्सर, जमुई, भभुआ, कटिहार, सीतामढ़ी, मुंगेर, मधेपुरा, बांका, शेखपुरा, औरंगाबाद और लखीसराय जिलों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु 19 अतिरिक्त विशेष न्यायालयों की स्थापना और 171 अराजपत्रित पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।

सुरक्षा एवं समाज कल्याण

समाज कल्याण निदेशालय के तहत 23 पर्यवेक्षण गृह (बालक), 1 पर्यवेक्षण गृह (बालिका), 1 विशेष गृह और 9 सुरक्षित स्थानों की सुरक्षा के लिए 330 गृह रक्षकों (होम गार्ड) की तैनाती हेतु वार्षिक 14,53,35,960 (14 करोड़ 53 लाख 35 हजार 960) रुपये के व्यय की स्वीकृति दी गई है।

भूमि हस्तांतरण एवं शिक्षा

  • बीआईएसएफ की स्थापना: नवादा जिले के रजौली अंचल (मौजा-रजौली) में कुल 43.98 एकड़ सरकारी भूमि बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल (बीआईएसएफ) की स्थापना हेतु गृह विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की गई है।
  • केंद्रीय विद्यालय: पूर्वी चंपारण जिले के पीपराकोठी अंचल (मौजा-पीपराकोठी) में 5 एकड़ भूमि पर नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना हेतु केंद्रीय विद्यालय संगठन (शिक्षा मंत्रालय) को 30 वर्षों के लिए लीज बंदोबस्त करने की स्वीकृति दी गई है।

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