पश्चिम चम्पारण / नरकटियागंज: भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज करते हुए बिहार के निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। पश्चिमी चम्पारण जिले के नरकटियागंज प्रखण्ड अंतर्गत डुमरिया पंचायत में पदस्थापित पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को 15,000 (पन्द्रह हजार) रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना की मुख्यालय टीम द्वारा की गई।
नल-जल मरम्मत कार्य के भुगतान के लिए मांग रहा था घूस
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिवादी परवेज कौसर (पिता- नसुरुद्दीन अहमद, साकिन- मलदहिया, पोस्ट- नरकटियागंज, थाना- शिकारपुर, जिला- पश्चिम चम्पारण) ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पटना स्थित कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी की एजेंसी ‘रेटिक्स एंटरप्राइजेज’ द्वारा क्षेत्र में नल-जल योजना के तहत मरम्मत का कार्य किया गया था। इस कार्य की शेष बची राशि का भुगतान करने के एवज में आरोपी पंचायत सचिव शंकर प्रसाद द्वारा लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी।

बिछाया गया जाल, सत्यापन में सही पाई गई शिकायत
शिकायत मिलने के पश्चात निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा मामले का प्राथमिक सत्यापन कराया गया। सत्यापन के क्रम में आरोपी पंचायत सचिव द्वारा रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण सही पाया गया। प्रथम दृष्टया आरोप की पुष्टि होने के बाद, कांड अंकित कर अनुसंधानकर्ता आदित्य अंशु (पुलिस निरीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना) के अनुरोध पर एक धावादल का गठन किया गया। इस धावादल का नेतृत्व कृपाल चन्द्र जायसवाल (पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना) कर रहे थे।

सहयोग शिविर कैम्प में ही धर दबोचा
निगरानी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए नरकटियागंज प्रखण्ड के मलदहिया मदरसे में चल रहे ‘सहयोग शिविर कैम्प’ की घेराबंदी की। जैसे ही परिवादी से आरोपी शंकर प्रसाद ने रिश्वत के 15,000 रुपये स्वीकार किए, निगरानी के धावादल ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। सार्वजनिक स्थान और शिविर के बीच हुई इस अचानक कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया।
मुजफ्फरपुर स्थित विशेष अदालत में होगी पेशी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी पंचायत सचिव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आवश्यक पूछताछ एवं कागजी प्रक्रियाओं के पूरा होने के उपरांत आरोपी को मुजफ्फरपुर स्थित माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी) में उपस्थापित किया जाएगा। पुलिस मामले में आगे की अग्रतर अनुसंधान की कार्रवाई कर रही है।

इस वर्ष निगरानी का 85वां ट्रैप मामला
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना द्वारा वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध की गई यह 92वीं प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई है। इसमें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने (ट्रैप) से संबंधित यह 85वां कांड है। इस वर्ष अब तक दर्ज मामलों में कुल 87 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है तथा कुल 31,66,800 (इकत्तीस लाख छाछठ हजार आठ सौ) रुपये की रिश्वत राशि बरामद की जा चुकी है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष 2025 में निगरानी द्वारा कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे और 37,80,300 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई थी।
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