समस्तीपुर में बंद उद्योग एवं दूधपूरा हवाई अड्डे के लिए सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी, समाहरणालय के सामने गूंजे विरोध के सुर

समस्तीपुर, 15 जून 2026

समस्तीपुर की धरती सोमवार को सरकार के खिलाफ विरोध की हुंकार से गूंज उठी। जिला विकास संघर्ष मोर्चा के बैनर तले जुटे प्रदर्शनकारियों ने न केवल सड़कों पर कब्जा किया, बल्कि जिले की बदहाल औद्योगिक स्थिति को लेकर प्रशासन की नींद उड़ा दी। दूधपूरा हवाई अड्डे के जीर्णोद्धार से लेकर बंद पड़ी चीनी मिल और पेपर मिल को चालू करने की मांग को लेकर समाहरणालय के सामने प्रदर्शनकारियों ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया।

बंद उद्योगों को चालू करने और दूधपूरा हवाई अड्डे के जीर्णोद्धार की मांग को लेकर  नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी।

जुलूस से समाहरणालय तक मचा हड़कंप आंदोलनकारी सरकार बस स्टैंड से सुबह ही इकट्ठा हो गए थे। वहां से एक विशाल जुलूस निकाला गया, जो शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब 1 घंटे तक समाहरणालय परिसर के बाहर प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर डटे रहकर प्रशासन पर दबाव बनाया। जिले के विकास की ठप पड़ी रफ्तार को लेकर आम लोगों में काफी आक्रोश दिखा।

प्रमुख मांगें: उद्योगों का पुनरुद्धार या आंदोलन का विस्तार  

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि समस्तीपुर के प्रमुख उद्योगों के बंद होने से हजारों परिवारों का चूल्हा जलना बंद हो गया है। मोर्चा ने अपनी 5 सूत्री मांगों को लेकर प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है।

  1. दूधपूरा हवाई अड्डा का जीर्णोद्धार कर उसे अविलंब चालू किया जाए।
  2. समस्तीपुर चीनी मिल को पुनः संचालित किया जाए।
  3. ठाकुर पेपर मिल को दोबारा चालू कर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं।
  4. मुक्तापुर स्थित रामेश्वर जूट मिल का विकास-विस्तार
  5. एवं उसके नियमित संचालन की गारंटी दी जाए।
समस्तीपुर समाहरणालय के समक्ष अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते जिला विकास संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ता एवं नेता।

समाहरणालय द्वार पर आयोजित सभा की अध्यक्षता शंकर प्रसाद साह ने की। सभा के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर समाहर्ता को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और अधिक उग्र और व्यापक बनाया जाएगा।

इस आंदोलन में विभिन्न दलों के नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई:

  • सुरेंद्र प्रसाद सिंह (भाकपा माले) ने कहा कि बंद पड़े दूधपूरा हवाई अड्डे का जीर्णोद्धार करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
  • राकेश ठाकुर ने बिहार के प्रसिद्ध ठाकुर पेपर मिल को पुनः चालू करने की मांग उठाई।
  • शत्रुघ्न पंजी ने कहा कि 23 एकड़ में फैला समस्तीपुर चीनी मिल अगर चालू हो जाए, तो जिले की अर्थव्यवस्था बदल जाएगी।

आंदोलन में इनकी रही भागीदारी प्रदर्शन में शामिल प्रमुख लोगों में दीनबंधु प्रसाद, जीतेंद्र कुमार, रामलाल राम, अर्जुन राय, विश्वनाथ गुप्ता, सोनेलाल राय, सत्यनारायण सिंह (माकपा), सुधीर कुमार देव (भाकपा), परमानंद मिश्र (कांग्रेस), विश्वनाथ सिंह हजारी, सुशील कुमार, एख्लाकुर रहमान सिद्दीकी, राकेश ठाकुर (राजद), शाहीद हुसैन, अकबर अली, राम विनोद पासवान, शंभू राय, सूरत राम, संतोष कुमार निराला (ट्रेड यूनियन नेता), अशोक कुमार राय, सुरेंद्र राम, मनोज कुमार, विश्वनाथ कुमार पासवान, अविनाश कुमार, मिथिलेश कुमार राय, मो० सोनू, रंजीत कुमार सिंह, अनील कुमार राय, राजकुमार महतो, राजेंद्र राम, राजेश कुमार समेत बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आम नागरिक उपस्थित थे।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here