पटना | बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था को एक नई उड़ान देने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। 14 जून 2026 को 01 अणे मार्ग, पटना से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026’ का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एलईडी युक्त ‘किसान जागरूकता वाहनों’ को हरी झंडी दिखाकर प्रखंडों और जिलों के लिए रवाना किया। यह पहल राज्य में कृषि विकास की एक नई इबारत लिखने के लिए तैयार है।

किसानों के द्वार तक पहुंचेगा ज्ञान कृषि विभाग द्वारा संचालित यह महाभियान महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों के सशक्तिकरण का एक महायज्ञ है। इन हाई-टेक एलईडी वाहनों के जरिए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों के चयन, फसल प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की सटीक जानकारी उनके गांव और खेतों तक पहुंचाई जाएगी।
मंच पर दिग्गजों की रही मौजूदगी इस कार्यक्रम में विकास और प्रगति का संकल्प दोहराया गया। मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कृषि विभाग की बागडोर संभाल रहे कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस दौरान पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता की और इस महाभियान की रूपरेखा को स्पष्ट किया।

क्या बोले कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा? कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट लहजे में कहा कि इस महाभियान का एकमात्र उद्देश्य किसानों तक सरकारी योजनाओं और वैज्ञानिक खेती की जानकारी को सीधे पहुंचाना है। उन्होंने जोर देकर कहा, “हमारा लक्ष्य है कि कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी हो, खेती की लागत में कमी आए और किसानों की आय में गुणात्मक वृद्धि हो। हम तकनीक को सीधे खेत से जोड़ रहे हैं।”

महाभियान-2026 के मुख्य आकर्षण: यह महाभियान खेती के हर पहलू को कवर करेगा। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- डीबीटी (DBT) सुविधा: लाभुक किसानों के बीच अनुदान का सीधा वितरण।
- आधुनिक तकनीक: जीरो टिलेज से धान की सीधी बुआई और कृषि में ड्रोन तकनीक का सफल प्रयोग।
- फसल विविधीकरण: मक्का, बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न की उन्नत खेती को बढ़ावा।
- जागरूकता प्रसार: किसान मेला, किसान पाठशाला, प्रशिक्षण, परिभ्रमण, प्रक्षेत्र दिवस और कृषि गोष्ठियों का आयोजन।
- स्थायी खेती: संतुलित उर्वरकों के प्रयोग, जैविक खेती और प्राकृतिक खेती को प्राथमिकता।
- मिट्टी और कल्याण: मिट्टी जांच कार्यकम और कृषि जनकल्याण चौपाल के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाना।

यह अभियान निश्चित रूप से राज्य के लाखों किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा और बिहार को कृषि के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाएगा।
अन्य खबरों के लिए नीचे ’न्यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,
|| https://newsbharattv.in ||


