झालमुड़ी हम खा रहे हैं और माथा तेजस्वी का झनझना रहा है: जद (यू) कार्यालय में बरसे नीरज कुमार
पटना। बिहार की सियासत में इन दिनों बयानों के तीर नहीं, बल्कि दस्तावेजों के मिसाइल चल रहे हैं। जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक हाई-वोल्टेज प्रेस वार्ता में एनडीए सरकार ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के खिलाफ चौतरफा मोर्चा खोल दिया। टॉयलेट निर्माण के खर्च से लेकर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के जन्मदिन पर मिले ‘हीरे के कंगन’ तक, हर एक मुद्दे पर जद (यू) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार और प्रदेश प्रवक्ता मनीष यादव ने बिंदुवार तरीके से नेता प्रतिपक्ष को घेरा। जद (यू) ने दो टूक शब्दों में कहा कि 2025 के विधानसभा चुनाव में बिहार की जनता से करारी शिकस्त पाने के बाद तेजस्वी यादव भारी हताश और परेशान हैं। इसी मानसिक व्याकुलता में वे बिना किसी होमवर्क के रोजाना सोशल मीडिया पर झूठ की दुकान चला रहे हैं और ‘ट्विटर बबुआ’ बनकर रह गए हैं।

टॉयलेट पॉलिटिक्स: ज्ञापांक 282 से तेजस्वी का ‘फर्जीवाड़ा‘ बेनकाब
प्रेस वार्ता की शुरुआत में मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने एक सरकारी पत्र (ज्ञापांक 282, दिनांक 2/6/2026) को हवा में लहराते हुए तेजस्वी यादव के दावों की धज्जियां उड़ा दीं। दरअसल, तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर आरोप लगाया था कि अररिया जिला में मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान मात्र 1 घंटे के कार्यक्रम के लिए 7,41,000 की भारी-भरकम लागत से एक अस्थाई वीवीआईपी टॉयलेट का निर्माण कराया गया।
इस आरोप का दस्तावेजी पोस्टमार्टम करते हुए नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव राजनीति के चंडूखाना में रहते हैं, इसलिए वे अंकगणित में भी फेल हो गए हैं। सरकारी आंकड़े गवाह हैं कि वहां एक नहीं, बल्कि कुल चार अस्थाई शौचालय बनाए गए थे। इन चारों शौचालयों को बनाने में कुल 4,71,691 का खर्च आया था, यानी प्रति शौचालय लागत मात्र 1,17,992 थी।
नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव के ही कार्यकाल का आईना दिखाते हुए कहा कि जब नीतीश कुमार ने उनका ‘एडहॉक अपॉइंटमेंट’ (तदर्थ नियुक्ति) सरकार में किया था, तब 3 फरवरी 2023 को उसी अररिया जिला में ‘समाधान यात्रा’ हुई थी। उस समय एनडीए सरकार नहीं बल्कि महागठबंधन की सरकार थी और तब एक शौचालय के निर्माण पर 1,56,000 की राशि खर्च हुई थी। जद (यू) ने तीखा सवाल किया कि जब आपके समय में ज्यादा खर्च हुआ तब आपका जमीर कहां सोया था? एकादशी के पावन दिन भी इतना बड़ा असत्य बोलने के लिए तेजस्वी यादव को 24 घंटे के भीतर बिहार की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

वित्तीय ज्ञान पर तंज: ‘इंजेक्शन से नहीं आता ज्ञान, सिद्दीकी साहब से ट्यूशन लें‘
जद (यू) प्रवक्ताओं ने तेजस्वी यादव द्वारा बिहार की आर्थिक स्थिति पर उठाए जा रहे सवालों पर भी उन्हें जमकर आड़े हाथों लिया। मनीष यादव ने कहा कि एनडीए सरकार ने जब राज्य के 94 लाख से अधिक बुजुर्गों, माताओं, विधवाओं और दिव्यांगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन को ₹400 से बढ़ाकर सीधे ₹1100 किया, तो विपक्ष के पेट में असहनीय पीड़ा होने लगी। तेजस्वी यादव जनता को गुमराह कर रहे हैं कि बिहार कंगाल हो गया है।
इस पर नीरज कुमार ने तंज कसा, “ज्ञान कोई बटाई पर मिलने वाली चीज नहीं है और न ही बाजार में इसका कोई इंजेक्शन उपलब्ध है जिसे लगवाकर कोई रातों-रात ज्ञानवान बन जाए। ज्ञान तथ्यों को पढ़ने और जमीन पर रहने से आता है, न कि हवा में ट्वीट करने से।” उन्होंने तेजस्वी यादव को सलाह दी कि वे अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी के घर जाकर फाइनेंस रूल (वित्तीय नियमों) का ट्यूशन लें, क्योंकि सिद्दीकी साहब जननायक कर्पूरी ठाकुर के साथ रहे हैं और अनुभवी हैं।

चारा घोटाले का इतिहास: बजट से 269% अधिक ‘माल‘ निकालने का रिकॉर्ड
बिहार के कथित ‘दिवालियापन’ के आरोप पर पलटवार करते हुए जद (यू) ने लालू-राबड़ी शासनकाल का पूरा काला चिट्ठी खोल दिया। नीरज कुमार ने 1991 से 1996 के बीच पशुपालन विभाग में हुई अवैध निकासियों के आंकड़े पेश करते हुए बताया कि आकस्मिक निधि (कंटिंजेंसी फंड) का असली दुरुपयोग किसे कहते हैं।
- वर्ष 1991-92: पशुपालन विभाग का कुल बजट प्रावधान 59 करोड़ 10 लाख था, लेकिन खजाने से 129 करोड़ 82 लाख निकाल लिए गए। यह बजट से 70.72 करोड़ अधिक यानी 269% की अवैध निकासी थी।
- वर्ष 1992-93 से 1995-96: इन वर्षों में लगातार बजट आवंटन के मुकाबले 131%, 169%, 167.75% और 178% की अतिरिक्त राशि खजाने से साफ कर दी गई।
जद (यू) नेता नीरज कुमार ने कहा कि इसी वित्तीय अराजकता और बिना आवंटन खजाना लूटने के कारण लालू प्रसाद को चारा घोटाला मामले में कैदी नंबर 3351 बनना पड़ा था और वे सजायाफ्ता हुए थे। इसके विपरीत, वर्तमान एनडीए सरकार विधानमंडल से मिले अधिकारों के तहत आकस्मिक निधि से पैसा निकालती है, जिसे अगले सत्र में बाकायदा विनियमित (रेगुलराइज) किया जाता है। बिहार का ऋण और जीएसडीपी अनुपात आज भी 33 से 40% के बीच है, जो केरल (35-40%), पश्चिम बंगाल (38-40%) और पंजाब (45% से अधिक) जैसे राज्यों की तुलना में कहीं बेहतर और सुरक्षित स्थिति में है।

आजाद बिहार का सबसे बड़ा बजट: 3,47,000 करोड़ की अर्थव्यवस्था
मनीष यादव और नीरज कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए बिहार का कुल बजट 3,47,000 करोड़ का है, जो आजाद बिहार के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है। राज्य की अर्थव्यवस्था कई गुना मजबूत हुई है। केंद्रीय करों में हिस्सेदारी और अनुदान के माध्यम से राज्य को अपने वित्तीय अधिकार मिल रहे हैं। एनडीए सरकार का संकल्प है कि सात निश्चय पार्ट-3 के तहत ‘सहज जीवन’ की परिकल्पना को धरातल पर उतारा जाए। आज 94 लाख लाभार्थियों के खाते में बिना किसी बिचौलिये या दलाल के, सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से पेंशन की राशि ट्रांसफर हो रही है। सरकार गरीबों, महिलाओं और दिव्यांगों के साथ खड़ी है, जबकि विपक्ष केवल अपने बंगले और सुरक्षा की चिंता में दुबला हो रहा है।
राजमाता का अपमान: ‘हीरे के कंगन‘ पर आर्थिक अपराध इकाई की जांच की मांग
प्रेस वार्ता का सबसे धमाकेदार मोड़ तब आया जब नीरज कुमार ने राजद एमएलसी सुनील सिंह और कलाकार छोटू छलिया के बयानों को लेकर राजद परिवार पर सीधा हमला बोला। गौरतलब है कि लालू प्रसाद के जन्मदिन पर राबड़ी देवी द्वारा एक कलाकार को दिए गए उपहार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। छोटू छलिया का कहना है कि उसे हीरे का सेट या कंगन मिला है, जबकि राजद के विधान पार्षद सुनील सिंह कह रहे हैं कि ‘हर चमकने वाली चीज सोना नहीं होती, जो मिला है वह पत्थर है।’

इस पर तंज कसते हुए जद (यू) के मुख्य प्रवक्ता ने कहा, “यह राजद की राजमाता राबड़ी देवी का उनकी ही पार्टी के नेता द्वारा किया गया सीधा अपमान है। कैसा सिला दिया उन्होंने राजमाता के प्यार का? एक तरफ मां कह रही हैं कि हीरा है, दूसरी तरफ उनके सिपहसालार उसे पत्थर बता रहे हैं।” नीरज कुमार ने घोषणा की कि इस विरोधाभास को देखते हुए जद (यू) बहुत जल्द आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को एक आधिकारिक पत्र लिखने जा रही है। इस पत्र के माध्यम से जांच की मांग की जाएगी कि वह हीरा या आभूषण किस दुकान से खरीदा गया, उसका भुगतान आरटीजीएस (RTGS) से हुआ या नकद, और उस पर जीएसटी (GST) चुकाया गया या नहीं। जद (यू) ने आशंका जताई कि कहीं यह आभूषण 10 सर्कुलर रोड स्थित उस कथित ‘तहखाने’ से तो नहीं निकाला गया है, जिसकी चर्चा पहले भी होती रही है।
पत्रकार वार्ता के तीखे सवाल-जवाब: विधायक फंड और शिक्षा मंत्री का सच
प्रेस वार्ता के अंतिम चरण में पत्रकारों ने जब राज्य में विधायक फंड बंद होने की अफवाहों पर सवाल किया, तो नीरज कुमार ने तत्काल इसका खंडन किया। उन्होंने कहा कि विधायक फंड कहीं बंद नहीं हुआ है, बल्कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों से लगातार योजनाओं की सहमतियां ईमेल के जरिए मिल रही हैं। उन्होंने ऑन-रिकॉर्ड चुनौती दी कि तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी को कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है, उनके कर्मचारियों के खातों में नियमित वेतन जा रहा है, फिर वित्तीय संकट का रोना क्यों रोया जा रहा है?

नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की शिक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही खबरों पर भी नीरज कुमार ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ किया कि निशांत कुमार ने साइंस कॉलेज और कंकड़बाग सेंट्रल स्कूल से पढ़ाई करने के बाद बीआईटी मेसरा (BIT Mesra) जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद नौवीं पास हैं और चुनावी हलफनामे में अपनी उम्र और पढ़ाई छिपाते हैं, वे दूसरों पर उंगली उठा रहे हैं। तेजस्वी यादव ने शिक्षा मंत्री से निशांत कुमार का नाम इंजीनियरिंग कॉलेज में लिखाने की बात कही थी, जो उनके अज्ञान को दर्शाता है क्योंकि इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेज साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग के अधीन आते हैं, शिक्षा मंत्री के नहीं।
झूठ की राजनीति का अंत करेगी जनता
जद (यू) प्रवक्ताओं ने पूरी प्रेस वार्ता का सारांश रखते हुए कहा कि नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए सरकार बिहार को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ‘ट्विटर बबुआ’ चाहे जितने भी भ्रम फैला लें, बिहार की सजग जनता विकास के काम और आकस्मिक निधि के सही इस्तेमाल को देख रही है। झूठ और फरेब की बुनियाद पर खड़ी राजनीति का अंत आगामी चुनाव में जनता पूरी तरह कर देगी।
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