मोटरसाइकिल मिस्त्री संजीव सहनी हत्याकांड में पुलिसिया नाकामियों के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का भयंकर आक्रोश, भाकपा माले के नेतृत्व में होगा महा-घेराव
ताजपुर/समस्तीपुर, 10 जून 2026: मोटरसाइकिल मिस्त्री संजीव कुमार सहनी की नृशंस हत्या के पूरे 25 दिन बीत जाने के बाद भी हत्यारों को दबोचने में नाकाम रही पुलिस प्रशासन के खिलाफ पूरे इलाके में जबरदस्त उबाल आ गया है। अपराधियों की खुलेआम घूमती टोली और खाकी की निष्क्रियता से गुस्साए ग्रामीणों का सब्र अब पूरी तरह टूट चुका है। इसी भड़कती आग के बीच ताजपुर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 27 स्थित मोतीपुर में बुधवार को मृतक के आवास पर आक्रोशित ग्रामीणों की एक आपात बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और सर्वसम्मति से यह महा-निर्णय लिया गया कि अगर अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो आगामी 22 जून को भाकपा माले के बैनर तले हजारों की संख्या में लोग ताजपुर थाना का घेराव कर ऐतिहासिक और उग्र आंदोलन करेंगे।

बैठक में उमड़े जनसैलाब और भाकपा माले के कद्दावर नेताओं ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। वक्ताओं ने सीधे तौर पर कहा कि पुलिस की कथित सुस्ती और अपराधियों के साथ अंदरूनी सांठगांठ के कारण ही हत्यारे आज खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार को जान का खतरा बना हुआ है। आरोप है कि ताजपुर थाना क्षेत्र में इन दिनों अपराध का ग्राफ रॉकेट की रफ्तार से बढ़ा है। चाहे दिन-दहाड़े हुआ भीषण सोना चोरी कांड हो या फिर लगातार हो रही हत्या और लूट की वारदातें, पुलिस हर मोर्चे पर पूरी तरह फेल साबित हुई है। इस नाकामी का सीधा फायदा बेखौफ अपराधी उठा रहे हैं, जिससे आम जनता के बीच भारी दहशत और चिंता का माहौल व्याप्त है। स्थानीय नेताओं ने दहाड़ते हुए कहा कि पुलिस जानबूझकर संजीव कुमार सहनी हत्याकांड के मुख्य आरोपियों को बचाने का खेल खेल रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बयान:– “थानाध्यक्ष और पुलिस उपाधीक्षक ने 4 दिनों के अंदर हत्यारों की गिरफ्तारी का जो लिखित-मौखिक आश्वासन दिया था, वह आखिर खोखला क्यों साबित हुआ? पुलिस अपराधियों को संरक्षण देना बंद करे, वरना 22 जून को जनता खुद इंसाफ के लिए थाना घेरेगी।” — सुरेन्द्र प्रसाद सिंह (प्रखंड सचिव, भाकपा माले)
गैरेज में घुसकर बरसाई थीं ताबड़तोड़ गोलियां: गौरतलब है कि बीते 15 मई को ताजपुर के व्यस्त गांधी चौक के पास स्थित रमजान अली स्कूल के समीप मोटरसाइकिल सवार शातिर अपराधियों ने मोटरसाइकिल मिस्त्री संजीव कुमार सहनी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। अपराधियों ने गैरेज के अंदर ही संजीव कुमार सहनी को गोलियों से छलनी कर दिया था, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद मृतक के लाचार पिता देवकी सहनी ने न्याय की गुहार लगाते हुए ताजपुर थाना में कांड संख्या 98/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। घटना के तुरंत बाद जब जनता सड़कों पर उतरी थी, तब थानाध्यक्ष से लेकर पुलिस उपाधीक्षक तक ने रोष से भरी जनता को शांत करने के लिए 4 दिनों के भीतर हत्यारों को गिरफ्तार करने का बड़ा आश्वासन दिया था। लेकिन आज करीब 1 महीना बीतने को है, और नतीजा सिफर है। पुलिस के पास मृतक का मोबाइल और कई ठोस सुराग मौजूद होने के बावजूद जांच की सुई एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी है, जिससे पुलिसिया कार्यशैली पर गहरे सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

आंदोलनकारियों और पीड़ित परिवार की मुख्य मांगें:
- संजीव कुमार सहनी के हत्यारों की अविलंब और त्वरित गिरफ्तारी हो।
- पीड़ित और बेसहारा परिवार को प्रशासन की तरफ से उचित मुआवजा मिले।
- मृतक के परिवार के 1 सदस्य को तत्काल सरकारी नौकरी दी जाए।
- थाना क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और चोरी पर तुरंत लगाम लगे।

बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित रहे: भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, प्रखंड कमिटी सदस्य ललन दास, जीतेंद्र कुमार सहनी, मृतक के पिता देवकी सहनी, मृतक की पत्नी रवीना देवी, मृतक का भाई सुशील सहनी, कुशी सहनी, सोनिया देवी, बबिता देवी, सुदामा देवी, राजकुमारी देवी, सरयुग कुमार, सीटू कुमार, रघुनाथ सहनी, चंदन सहनी समेत सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीण।
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