बिहार पुलिस का आ गया ‘महाअस्‍त्र’: अब अपराधियों की खैर नहीं! DGP विनय कुमार का वो ‘गुप्त ब्रह्मास्त्र’, जिससे कांप उठेंगे सूबे के बदमाश!

  • थानेदार से लेकर DGP तक एक क्लिक पर जुड़े: बिहार पुलिस मुख्यालय में लॉन्च हुआ हाईटेक ‘PSM App’
  • दरोगा जी ने आज क्या किया? अब साहब सीधे पटना से रखेंगे लाइव नजर; कोई नहीं बना पाएगा बहाना!
  • अपराधियों का पूरा कच्चा चिट्ठा, मालखाना और गश्ती का नक्शा… अब सब कुछ होगा डिजिटल‘!

पटना, 03 जून 2026 बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और सबसे धमाकेदार डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक हुआ है! अब राज्य के अपराधियों, छर्रों और कामचोर पुलिसकर्मियों की खैर नहीं है। बिहार पुलिस के मुखिया यानी पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने आज बिहार पुलिस मुख्यालय के हाईटेक कॉन्फ्रेंस हॉल में एक ऐसे डिजिटल ‘ब्रह्मास्त्र’ का शुभारंभ किया है, जो पूरे महकमे की सूरत और सीरत बदल कर रख देगा। इस क्रांतिकारी एप्लीकेशन का नाम है— PSM (Police Station Management) Application

डिजिटल युग में बिहार पुलिस: बिहार पुलिस मुख्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘PSM Application’ की लॉन्चिंग के अवसर पर बैठक की अध्यक्षता करते पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार एवं पुलिस के अन्य वरिष्ठ आला अधिकारी।

इस ऐप के आते ही बिहार पुलिस का पूरा सिस्टम अब ‘थ्री-जी’ और ‘फोर-जी’ की रफ्तार से भी तेज भागेगा। थानेदार साहब ने आज क्षेत्र में क्या किया, दरोगा जी की डायरी कितनी आगे बढ़ी, और गश्ती गाड़ी कहाँ घूम रही है— इन सब की पल-पल की रिपोर्ट अब सीधे पटना मुख्यालय में बैठे आला अधिकारियों की स्क्रीन पर फ्लैश होगी।

एक क्लिक पर जुड़ेगा पूरा महकमा, अपराधियों पर तीसरी आंखका पहरा!

इस ‘PSM App’ की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इसके जरिए राज्य का सबसे जमीनी जांच अधिकारी (अनुसंधानक) और थानेदार, सीधे अंचल निरीक्षक, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), पुलिस अधीक्षक (SP), DIG, IG और खुद DGP विनय कुमार से एक झटके में जुड़ जाएंगे। बीच के सारे रोड़े और फाइल लटकाने का खेल पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

अपराध पर डिजिटल वार: कॉन्फ्रेंस हॉल की बड़ी स्क्रीन पर ‘Police Station Management’ (PSM) एप्लीकेशन के मुख्य फीचर्स (Workflow Digitized, E-patrol) को प्रदर्शित करता हुआ प्रेजेंटेशन, जिसके जरिए थानों की पूरी कार्यप्रणाली अब ऑनलाइन ट्रैक होगी।

दैनिक डायरी से लेकर मालखाने तक का हिसाब, अब झूठनहीं बोल पाएंगे थानेदार!

इस अत्याधुनिक एप्लीकेशन में पुलिस थानों के उन सभी गुप्त और महत्वपूर्ण कार्यों को शामिल किया गया है जिन्हें अब तक फाइलों में दबाकर रखा जाता था। अब हर दिन निम्नलिखित विवरणियों को लाइव अपडेट (प्रतिदिन अद्यतन) करना अनिवार्य होगा:

  1. डेली क्राईम रिपोर्ट: सूबे में कहां, क्या हुआ? पल-पल की खबर।
  2. अनुसंधान प्रगति: कांडों की जांच कहां तक पहुंची, इसकी लाइव ट्रैकिंग।
  3. ड्यूटी आवंटन और चेकिंग: किस सिपाही की ड्यूटी कहां लगी है और वह वहां मौजूद है या नहीं।
  4. वांछित अपराधियों की विवरणी: मोस्ट वांटेड बदमाशों का पूरा डेटाबेस हमेशा उंगलियों पर रहेगा।
  5. थाना गश्ती मानचित्र और अपराध मानचित्र: अपराध के हॉटस्पॉट और पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ियों का लाइव नक्शा।
  6. मालखाना विवरणी और ग्रामीण अपराध पंजी: थानों के अंदर बंद सामान और गांवों के अपराधियों का पूरा इतिहास।

अब साहबसीधे पटना से कसेंगे शिकंजा!

इस डिजिटल सिस्टम के लागू होने से पुलिस के वरीय पदाधिकारियों को थानों के कामकाज की मॉनिटरिंग (अनुश्रवण) करने में गजब की सुविधा होगी। अब कोई भी थानेदार या जांच अधिकारी केस की फाइल को अलमारी में बंद करके नहीं रख पाएगा। अगर काम में कोताही हुई, तो सीधे पटना से घंटी बजेगी। DGP विनय कुमार की इस ऐतिहासिक पहल से अपराधियों में हड़कंप मच गया है, वहीं आम जनता के लिए न्याय की उम्मीदें और ज्यादा मजबूत हो गई हैं।

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