रैपिड रेल के द्वारा मुजफ्फरपुर से पटना मात्र 35 मिनट में, 22,000 एकड़ में बसेगा नया शहर ‘तिरहुत’, खुलेंगे 25 चीनी मिल और चमकेगा मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट!

मोतीपुर (मुजफ्फरपुर)। मुजफ्फरपुर समेत पूरे उत्तर बिहार के विकास को एक नई ऊंचाई देने के लिए सरकार ने महायोजना तैयार कर ली है। मोतीपुर प्रखंड के उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गोसाईपुर में आयोजित भव्य ‘सहयोग शिविर’ के मंच से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर और बिहार के भविष्य को बदलने वाला बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब मुजफ्फरपुर से पटना जाने में डेढ़ से दो घंटे का समय नहीं बल्कि रैपिड रेल के शुरू होने से मात्र 30 से 40 मिनट का समय लगेगा। इसके लिए डीपीआर का काम शुरू कर दिया गया है।

मुजफ्फरपुर के मोतीपुर स्थित गोसाईपुर में आयोजित ‘सहयोग शिविर’ के दौरान दीप प्रज्वलित कर विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। मंच पर भाजपा नेता दिलीप जायसवाल, सांसद वीणा देवी, मंत्री रंजीत निषाद, विधायक अरुण सिंह , पूर्व मंत्री अजीत कुमार,  एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

इतना ही नहीं, बाईपास के इलाके को समृद्ध बनाने के लिए लगभग 22,000 एकड़ जमीन में एक नया अत्याधुनिक शहर बसाने का काम शुरू किया गया है, जिसका नाम ‘तिरहुत’ होगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मुजफ्फरपुर जिला के लिए 288.16 करोड़ रुपये की लागत से कुल 109 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास कर जिले को बड़ी सौगात दी।

एयरपोर्ट का रास्ता साफ, जल्द होगा शिलान्यास

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर वासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि मुजफ्फरपुर से हवाई जहाज उड़ाने की सारी प्रक्रियाएं और सिविल कार्य के टेंडर पूरे कर लिए गए हैं। रनवे के काम का टेंडर भी प्रक्रिया में है। उन्होंने घोषणा की कि अगले कुछ दिनों में वे भारत सरकार के मंत्री या देश के गृह मंत्री को साथ लेकर मुजफ्फरपुर आएंगे और एयरपोर्ट का शिलान्यास करेंगे।

मुजफ्फरपुर में विकास की नई इबारत: सहयोग शिविर के मुख्य मंच पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा कुल 288.16 करोड़ की लागत से 109 महत्वाकांक्षी योजनाओं के अनावरण के लिए लगाए गए शिलान्यास एवं उद्घाटन पट्ट।

2030 तक बिहार में शुरू होंगी 25 चीनी मिलें, चौथा मोतीपुर में

औद्योगिक क्रांति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने तीन चीनी मिलों को फिर से खोलने की सहमति दे दी है। इसके बाद जब चौथी चीनी मिल खुलेगी तो वह मोतीपुर में ही खुलेगी क्योंकि मोतीपुर और मुजफ्फरपुर व्यापारियों के लिए एक बड़ा हॉटस्पॉट बन चुका है। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 2030 के चुनाव में जनता के बीच जाने से पहले पूरे बिहार में 25 चीनी मिलों का काम शुरू कर दिया जाएगा।

जनता को मिला सीधा लाभ: मोतीपुर के गोसाईपुर में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान एक लाभार्थी को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत सहायता राशि का चेक प्रदान करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, साथ में प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि।

काम में कोताही पर 30वें दिन सीधे सस्पेंड होंगे अधिकारी

सहयोग शिविर की सफलता पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मुजफ्फरपुर जिले में अब तक 10 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक का निष्पादन जिला प्रशासन ने कर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के काम के लिए पूरे 30 दिन का टाइम फ्रेम तय है। यदि 10 दिन में कार्रवाई पूरी नहीं हुई तो 11वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से पहला नोटिस जाएगा। 20 दिन पूरे होने पर 21वें दिन दूसरा नोटिस और 25 दिन पूरे होने पर 26वें दिन तीसरा नोटिस जाएगा। अगर 30 दिन के भीतर काम नहीं हुआ तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को सीधे निलंबित (सस्पेंड) कर दिया जाएगा। बिहार अब किसी राजतंत्र से नहीं, बल्कि संविधान और कड़े सुशासन से चलेगा।

गुंडागर्दी करने वालों की जगह सिर्फ मुजफ्फरपुर जेल में

विपक्ष और अपराधियों पर सीधा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को आजकल सिर्फ इस बात की चिंता है कि उनका घर कितना बड़ा या छोटा है। उन्होंने कहा, “जनता मालिक है, वह जिसे चाहेगी वही मुख्यमंत्री आवास में बैठेगा।” उन्होंने कानून-व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि हरा रंग शांति और हरियाली का प्रतीक है, लेकिन इसकी आड़ में जो भी गुंडागर्दी या अपराध करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस को चैलेंज करने वाले अपराधियों को हमारी पुलिस 48 घंटे के भीतर करारा जवाब देगी और ऐसे तत्वों के लिए एकमात्र स्थान सिर्फ और सिर्फ मुजफ्फरपुर का जेल है।

हर ब्लॉक में बनेंगे वर्ल्ड क्लास मॉडल स्कूल

शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव का दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार ने 5,28,000 लोगों को शिक्षक बनाया है। महिलाओं को उनके गृह पंचायत और पुरुषों को बगल के प्रखंड में पोस्टिंग दी गई है ताकि वे पूरी गुणवत्ता के साथ स्कूलों में पढ़ा सकें। राज्य के सभी 534 ब्लॉकों में मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “जिस दिन सरकारी कर्मचारी, विधायक और सांसद अपने बच्चों के एडमिशन के लिए जिलाधिकारी से पैरवी करने लगेंगे, मैं समझूंगा कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बदल गई।” इसके साथ ही उन्होंने अगले 20 वर्षों तक ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के माध्यम से मुफ्त बिजली देने की बात भी दोहराई।

कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रशासनिक एवं राजनीतिक दिग्गज

इस ऐतिहासिक सहयोग शिविर के अवसर पर मंच पर और स्टॉलों के निरीक्षण के दौरान भाजपा नेता दिलीप जायसवाल, बिहार सरकार की मंत्री रंजीत निषाद, सांसद वीणा देवी, विधायक अरुण सिंह, पूर्व मंत्री अजीत कुमार, पूर्व मंत्री राजू सिंह, विधायक अजय कुशवाहा, बेबी कुमारी, विधायक रंजन कुमार, पूर्व मंत्री बसावन भगत, विवेक कुमार, अनुपम कुमार, चुलबुल शाही, रामेश्वर प्रसाद कुशवाहा, मंजर आलम, बीस सूत्री के उपाध्यक्ष व सदस्य राजेश वर्मा, हरिमोहन चौधरी, रामनरेश मालाकार, प्रभात मालाकार, ललिता कुशवाहा, विवेक झा और रंजीत कुशवाहा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

प्रशासनिक अमले से मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, सामान्य प्रशासन के अपर मुख्य सचिव बी राजेंदर, मुख्यमंत्री कार्यालय के सचिव संजय कुमार सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह और जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर ने मुख्यमंत्री और सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया, जिसके बाद बिहार राज्य गीत के सम्मान में सभी लोग खड़े हुए।

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