अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर प्राणिशास्त्र और वनस्पति विज्ञान विभाग का महा-आयोजन; पौधारोपण से लेकर ओजस्वी भाषण और वैज्ञानिक पोस्टरों से दिया पर्यावरण विनाश के खिलाफ कड़ा संदेश।
मुजफ्फरपुर, 22 मई 2026: महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय (M.D.D.M. College) में अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर पर्यावरण संकट और प्रकृति के संरक्षण को लेकर एक अभूतपूर्व अलख जगाई गई। कॉलेज के स्नातकोत्तर प्राणिशास्त्र (Zoology) एवं वनस्पति विज्ञान (Botany) विभागों के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने धरती के अस्तित्व और पारिस्थितिक संतुलन की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया। वर्ष 2026 की विशेष थीम “स्थानीय स्तर पर कार्य, वैश्विक प्रभाव के लिए” को चरितार्थ करते हुए छात्राओं ने अपनी अनूठी रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच से पूरे परिसर को मंत्रमुग्ध कर दिया।

वनस्पति विभाग में गूंजी पर्यावरण की गूंज, हुआ महा-पौधारोपण
कार्यक्रम का धमाकेदार आगाज वनस्पति विज्ञान विभाग में प्राचार्या डॉ. अलका जायसवाल की अध्यक्षता में हुआ। प्राचार्या ने स्वयं अपने हाथों से पौधारोपण कर छात्राओं को यह कड़ा संदेश दिया कि हर एक पौधा मानव जीवन के अस्तित्व की रक्षा की गारंटी है। इसके बाद छात्राओं के बीच चित्रांकन और ओजस्वी भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। शफ़, तनु, मरियम, ज्योति, अनुष्का, नंदिनी, अंजलि और तराना जैसी होनहार छात्राओं ने अपनी कला और वाणी के दम पर जैव विविधता संकट की भयावहता और उसके तात्कालिक समाधानों को बेबाकी से सामने रखा। वनस्पति विज्ञान विभाग की अध्यक्षा डॉ. श्वेता यादव ने स्वागत भाषण के जरिए पर्यावरण चेतना पर जोर दिया।

प्राणिशास्त्र विभाग में सजे पोस्टर, वैज्ञानिक चेतना ने खींचा ध्यान
दूसरी ओर, स्नातकोत्तर प्राणिशास्त्र विभाग में सजे वैज्ञानिक पोस्टरों ने आधुनिक दुनिया को प्रकृति के करीब आने की चेतावनी दी। विभागाध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक डॉ. अर्चना गुप्ता के कुशल निर्देशन में स्नातक और स्नातकोत्तर की छात्राओं ने रंग-बिरंगे और ज्ञानवर्धक पोस्टरों के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता के नुकसान से होने वाले खतरों और पारिस्थितिक स्थिरता को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

“किताबों से बाहर आकर करना होगा काम” — प्राचार्या
छात्राओं का हौसला बढ़ाते हुए प्राचार्या डॉ. अलका जायसवाल ने इस पहल को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, “पर्यावरण संरक्षण अब केवल किताबों और नारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जब तक हमारी युवा पीढ़ी स्थानीय स्तर पर सक्रिय योगदान नहीं देगी, तब तक हम वैश्विक स्तर पर कोई बड़ा बदलाव नहीं देख पाएंगे।”
इस पूरे महा-आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति की सदस्य डॉ. पल्लवी, डॉ. रचना, और डॉक्टर विभा रानी आदि शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का समापन एक बेहद सार्थक शैक्षणिक संवाद के साथ हुआ। इस मौके पर भारी संख्या में कॉलेज की छात्राएं, विभिन्न विभागों के शिक्षक-शिक्षिकाएं और शिक्षकेतर कर्मचारी मुस्तैद रहे।
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