- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ब्रह्मकुंड परिसर में किया पवित्र मेले का विधिवत उद्घाटन
- महाआरती और पूजन से गूंजा परिसर; मुख्यमंत्री ने की प्रदेश की सुख, समृद्धि और शांति की कामना
- जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाया आयोजन का गौरव
राजगीर। सनातन परंपरा और अगाध आस्था के वैश्विक केंद्र धर्मनगरी राजगीर के ऐतिहासिक ब्रह्मकुंड परिसर में रविवार को ‘राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026’ का अत्यंत भावपूर्ण और भक्तिमय माहौल में भव्य शुभारंभ हुआ। इस पावन अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन व महाआरती कर एक महीने तक चलने वाले इस आध्यात्मिक महाकुंभ का उद्घाटन किया।

मेले के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए भावुक स्वर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “मलमास मेला सनातन परंपरा में विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। यह केवल एक मेला नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। यहाँ आने वाले करोड़ों श्रद्धालु पुण्य अर्जित कर अपने जीवन को दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण करते हैं।” मुख्यमंत्री ने पवित्र ब्रह्मकुंड की महत्ता को नमन करते हुए संपूर्ण बिहार परिवार की सुख-समृद्धि, शांति, प्रगति एवं जनकल्याण की मंगलकामना की।
अतिथियों का भव्य अभिनंदन और संतों का सान्निध्य इस ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान में अयोध्या से पधारे जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर जी महाराज की उपस्थिति मुख्य आकर्षण रही, जो देश-दुनिया में सनातन की धर्म ध्वजा को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं। समारोह के दौरान श्री राजगीर तपोवन तीर्थ रक्षा पंडा कमेटी के अध्यक्ष नीरज उपाध्याय, सचिव विकास उपाध्याय और अश्विनी उपाध्याय ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी सहित मंचासीन सभी विशिष्ट मंत्रियों व अतिथियों का अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर भव्य अभिनंदन किया। तत्पश्चात, नालंदा के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने जिला प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री का स्वागत किया। सनातन के मूल मंत्र को रेखांकित करते हुए कहा कि सबकी सुरक्षा, सबकी रक्षा और सबका कल्याण ही सनातन की सोच है, और इसी जन-कल्याण की भावना से बिहार सरकार भी निरंतर कार्य कर रही है।

श्रद्धालुओं के लिए पलक-पावड़े बिछाए बैठी है बिहार सरकार एक महीने तक चलने वाले इस अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) मेले में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर बिहार सरकार ने अभूतपूर्व प्रबंध किए हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयं व्यवस्थाओं का बारिकी से अवलोकन किया। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए आधुनिक टेंट सिटी का निर्माण कराया गया है। साथ ही शुद्ध पेयजल के रूप में पवित्र ‘गंगा जल’ की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा के लिहाज से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी तीसरी आँख (सीसीटीवी कैमरों) से की जा रही है। जगह-जगह अत्याधुनिक मेडिकल कैंप और स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं ताकि किसी भी तीर्थयात्री को कोई असुविधा न हो।

विकास और प्रकृति का अनूठा संगम धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजगीर में चल रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा भी की। उन्होंने राजगीर जू-सफारी, विश्व प्रसिद्ध ग्लास ब्रिज और नेचर सफारी का भ्रमण कर वहाँ विकसित आधुनिक सुविधाओं एवं जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को देखा। उन्होंने कहा कि राजगीर का यह आधुनिक स्वरूप न केवल इको-टूरिज्म (पर्यटन) को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति और पर्यावरण से जोड़ने का एक सशक्त व सराहनीय माध्यम बन रहा है।
इस भव्य उद्घाटन समारोह में ग्रामीण विकास मंत्री, पर्यटन मंत्री, स्थानीय सांसद, विधायकगण, पंडा कमेटी के पदाधिकारी सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। पूरा राजगीर क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय पुरुषोत्तम भगवान’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा है।
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