छात्रों के खून से सनी पटना की सड़कें, ताजपुर में भड़का आक्रोश: सम्राट चौधरी का पुतला फूंका!

ताजपुर/समस्तीपुर (10मई 2026): बिहार की राजधानी पटना में अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे TRE-4 अभ्यर्थियों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज और महिला अभ्यर्थियों के साथ हुई बदसलूकी के खिलाफ रविवार को ताजपुर की सड़कों पर आक्रोश उभर आया। भाकपा माले, आइसा (AISA) और आरवाईए (RYA) के कार्यकर्ताओं ने गांधी चौक पर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

“आक्रोश की लपटें: पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला फूंकते भाकपा माले व आइसा कार्यकर्ता।”

अपराधियों की तरह कमर में रस्सी बांधकर छात्रों को भेजा जेल”

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि परीक्षा के पैटर्न में अचानक बदलाव और विज्ञापन जारी करने की मांग कर रहे छात्रों से बात करने के बजाय, पुलिस ने उन पर लाठियां और गोलियां बरसाईं। आरवाईए के जिला अध्यक्ष आसिफ होदा और अन्य वक्ताओं ने कहा कि दर्जनों छात्रों के सिर फट गए हैं और कइयों के हाथ-पैर टूट चुके हैं। सबसे शर्मनाक बात यह रही कि छात्रों को अपराधियों की तरह कमर में रस्सियां बांधकर जेल भेज दिया गया और उन पर गंभीर एफआईआर दर्ज की गई हैं।

बेटों को मंत्री बना रहे, और छात्रों को लाठी दे रहे: भाकपा माले

भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “एक तरफ सत्ता में बैठे लोग बिना किसी सदन के सदस्य रहे अपने बेटों को मंत्री बनवा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ रोजगार मांगने वाले छात्रों को जेल और लाठी मिल रही है।” नेताओं ने मांग की है कि:

  • गिरफ्तार किए गए सभी अभ्यर्थियों को अविलंब बिना शर्त रिहा किया जाए।
  • छात्रों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमे (FIR) वापस लिए जाएं।
  • TRE-4 समेत बिहार की सभी रिक्तियों का विज्ञापन तुरंत जारी कर बहाली प्रक्रिया शुरू की जाए।

इनकी रही उपस्थिति

विरोध मार्च के दौरान मो० एजाज, ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, संजीव राय, शंकर महतो, मो० रहमान, मोतीलाल सिंह, उपेंद्र शर्मा, चांद बाबू, मो० शाद, सरवर वसीम, बस्साम तौहीदी और राजद नेता दीपक लाल निरहुआ समेत बड़ी संख्या में छात्र और युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने दमनकारी रवैया नहीं छोड़ा, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में और भी उग्र होगा।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here