मुजफ्फरपुर (सकरा): जब गरीबी और लाचारी एक पिता की हिम्मत तोड़ने लगी, तो समाज के जागरूक लोग उम्मीद की किरण बनकर सामने आए। मामला सकरा प्रखंड के एक गाँव का है, जहाँ एक पिता अपनी आर्थिक तंगी के कारण बेटी की शादी को लेकर बेहद चिंतित थे। लेकिन समाजसेवी और ग्रामीण चिकित्सक संघ के प्रखंड अध्यक्ष राजेश कुमार राम के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जो मिसाल पेश की, उसकी हर तरफ चर्चा हो रही है।

शादी की तैयारियों में नहीं आने दी कोई बाधा 12 मई 2026 को होने वाली इस शादी के लिए जैसे ही लाचार पिता ने मदद की गुहार लगाई, राजेश कुमार और उनकी टीम ने तुरंत सक्रियता दिखाई। समाजसेवियों ने आपस में राशि एकत्रित की और जरूरत का सारा सामान—दाल, चावल, तेल,सब्जी, पत्तल, गिलास आदि—खरीदकर सीधे पिता के घर जाकर सौंपा।

कौन-कौन रहे मददगार? इस नेक काम में राजेश कुमार के साथ चंद्रकला देवी, मिन्नती देवी, पिंकी कुमारी, महेश्वरी देवी, सुधा देवी, कैलाश कुमार, सुनील कुमार और ग्रामीण रामरेख राम, धर्मेंद्र कुमार, मंटू कुमार, मुकेश राम सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
“पैसे की कमी से नहीं रुकेगा किसी का काम” राजेश कुमार राम, जो लंबे समय से ठंड में कपड़े, मुफ्त दवा और बच्चों को पढ़ाई के लिए किताब-कॉपी उपलब्ध कराते रहे हैं, उन्होंने भावुक होते हुए कहा— “पैसा और लाचारी किसी के दुख का कारण नहीं बनना चाहिए। हम सभी मिलकर एक-दूसरे का हाथ थामेंगे ताकि किसी भी गरीब की बेटी की शादी में बाधा न आए। बच्चों की पढ़ाई नहीं रूके, यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।”
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