ताजपुर/समस्तीपुर (रिपोर्टर)। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर आज ताजपुर की धरती लाल झंडों से पट गई और फिजां में ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों की गूंज सुनाई दी। भाकपा-माले, खेग्रामस और मनरेगा मजदूर सभा के बैनर तले आयोजित विशाल संकल्प सभा में हजारों मजदूरों ने अपनी ताकत का अहसास कराते हुए सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है।

शहीदों को नमन और झंडोत्तोलन शुक्रवार को ताजपुर स्थित जनता मैदान में सुबह से ही मजदूरों का रेला उमड़ने लगा। कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत वरिष्ठ नेता राजकिशोर महतो द्वारा झंडोत्तोलन के साथ की गई। झंडा फहराने के बाद उपस्थित जनसमूह ने शहीदवेदी पर माल्यार्पण कर उन वीर मजदूरों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने श्रमिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
श्रम कोड और निजीकरण पर तीखा हमला संकल्प सभा को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य आसिफ होदा ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “आज सरकार कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुँचाने के लिए चार नए श्रम कोड लाकर मजदूरों को गुलामी की ओर धकेल रही है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमारी मांग है कि निजीकरण और ठेकेदारी प्रथा पर तुरंत रोक लगे, महंगाई-बेरोजगारी को नियंत्रित किया जाए और हर मजदूर को जीने लायक सम्मानजनक वेतन व सामाजिक सुरक्षा की गारंटी दी जाए।”

एकजुटता ही सबसे बड़ा हथियार सभा की अध्यक्षता कर रहे भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि मजदूरों का इतिहास संघर्षों का रहा है। आज जो भी अधिकार हमें प्राप्त हैं, वे लंबी लड़ाई के बाद मिले हैं। उन्होंने श्रमिकों से आह्वान किया कि अधिकारों को बचाने के लिए अब गांवों से लेकर शहरों तक आंदोलन को और तेज करना होगा। संचालन करते हुए खेग्रामस के प्रखंड अध्यक्ष प्रभात रंजन गुप्ता ने कहा कि जब तक शोषण मुक्त समाज का निर्माण नहीं हो जाता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प इस मौके पर ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, जीतेंद्र सहनी, मो. एजाज, मो. क्यूम, मो. रहमान, शंकर महतो समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और श्रमिकों ने हाथ उठाकर संकल्प लिया कि वे मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद रखेंगे।

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