समस्तीपुर | 5 अप्रैल, 2026 |शहर के निजी विद्यालयों द्वारा किताबों, कॉपियों और यूनिफॉर्म के नाम पर की जा रही कथित कमीशनखोरी और अवैध वसूली के खिलाफ रविवार को ‘नागरिक समाज’ ने बिगुल फूंक दिया। नागरिक समाज के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने शहर में विरोध मार्च निकाला और समाहरणालय पर प्रदर्शन कर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।

स्टेडियम गोलंबर से समाहरणालय तक गूंजे नारे
रविवार सुबह नागरिक समाज से जुड़े कार्यकर्ता और अभिभावक स्थानीय स्टेडियम गोलंबर पर एकत्रित हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। यह विरोध मार्च शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होता हुआ समाहरणालय पहुंचा, जहां यह एक सभा में तब्दील हो गया। सभा की अध्यक्षता सेवानिवृत्त सैनिक और नागरिक समाज के संयोजक रामबली सिंह ने की।
“एक देश, एक शिक्षा नीति तो किताबें अलग क्यों?”
सभा को संबोधित करते हुए समाजसेवी व मानवाधिकार कार्यकर्ता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने स्कूल प्रबंधनों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:
“निजी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों पर दबाव बनाकर स्कूल से ही ऊंचे दामों पर सामग्री खरीदने को मजबूर करते हैं या चुनिंदा दुकानों को निर्धारित करते हैं। एडमिशन, री-एडमिशन और टेस्ट के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है। जब देश में एक शिक्षा नीति लागू है, तो सरकारी और निजी स्कूलों में किताबें एक समान क्यों नहीं हो सकतीं?”
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का मिला समर्थन
- राजद नेता राकेश ठाकुर ने कहा कि शिक्षा के नाम पर व्यापार और वसूली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए।
- अधिवक्ता संजय कुमार बबलू ने जिला प्रशासन से मांग की कि एक जांच कमेटी गठित कर दोषी स्कूलों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस लूट पर रोक नहीं लगी, तो आंदोलन और उग्र होगा।

एकजुटता की अपील
अपने अध्यक्षीय संबोधन में रामबली सिंह ने जिले के तमाम अभिभावकों और आम जनता से अपील की कि वे अपने बच्चों के भविष्य और अपनी मेहनत की कमाई को बचाने के लिए एकजुट होकर इस शोषण के खिलाफ आवाज उठाएं।
मौके पर मौजूद रहे गणमान्य: इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से जयलाल राय, राम विनोद पासवान, मो० अकबर अली, एसके निराला, अमित जायसवाल, अमित कुमार, अर्जुन राय, मनोज कुमार सिंह, मनोज शर्मा, मो० सगीर, राजू कुमार, लोकेश राज और जीतेंद्र कुमार सहित दर्जनों सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।




