सचिवालय परिसर में 181 मामलों का ऑन द स्पॉट ऑन-टाइम फैसला, अफसरों को 30 दिनों का अल्टीमेटम

 मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जनता दरबार में सुनी आमजनों की फरियाद, कहा— ‘अंतिम व्यक्ति तक पहुँचेगा न्याय, पारदर्शी समाधान ही सुशासन का आधार

पटना (विशेष संवाददाता): मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर सोमवार को आमजनों की उम्मीदों और न्याय की पुकार का गवाह बना। अवसर था राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम” का, जहाँ बिहार के कोने-कोने से पहुँचे सैकड़ों फरियादियों ने सीधे सरकार के सामने अपनी समस्याएं रखीं। कार्यक्रम के दौरान  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूरे मनोयोग और संवेदनशीलता के साथ आम जनता की एक-एक फरियाद सुनी और मौके पर ही 181 आवेदकों के मामलों का तत्काल निष्पादन कर बड़ी राहत दी।

मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम के दौरान आम फरियादी की समस्या को ध्यानपूर्वक सुनते और ऑन द स्पॉट निष्पादन के निर्देश देते उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।

30 दिनों के अंदर समाधान का कड़ा अल्टीमेटम

जनता की समस्याएं सुनने के बाद उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उपस्थित अधिकारियों को सख्त और स्पष्ट निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि आम लोगों की शिकायतों का समाधान पूर्ण रूप से पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से होना चाहिए। सरकार ने स्पष्ट लक्ष्य तय किया है कि किसी भी आवेदक की समस्या का समाधान हर हाल में 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को कड़े लहजे में कहा कि सहयोग शिविर महज औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि यह आम जनता तक त्वरित न्याय पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों से सहयोग शिविरों के जरिए बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई करने का आह्वान किया।

सहयोग कार्यक्रम में अपनी बारी का इंतजार करते और अपनी समस्याओं के समाधान की आस में राज्य के दूर-दराज जिलों से पहुँचे आम नागरिक।

हर एक आवाज सुनी जाएगी, जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी ताकत”

कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं और आम नागरिकों को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा, हर एक आवाज सुनी जाएगी। राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सरकारी योजनाओं का ससमय लाभ पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

उन्होंने आगे कहा कि जनता का विश्वास ही सुशासन की सबसे बड़ी पूंजी और ताकत है। जब तक आम नागरिक को त्वरित राहत नहीं मिलती, तब तक व्यवस्था पूर्ण नहीं मानी जा सकती।

मंत्रिमंडल के सहयोगी भी रहे मुस्तैद

इस विशेष सहयोग कार्यक्रम में बिहार मंत्रिमंडल के अन्य मंत्रीगण भी अपने-अपने विभागों से जुड़े प्रशासनिक अमले के साथ मौजूद रहे। मंत्रियों ने भी अपने संबंधित विभागों से आई शिकायतों और आवेदनों की खुद सुनवाई की और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

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