विशेष संवाददाता, पटना : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। लघु जल संसाधन विभाग के बांका प्रमंडल में तैनात कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में पटना, बांका और वैशाली स्थित चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। इस कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

गिनती के लिए लगाने पड़े 6 अफसर कार्रवाई के दौरान आरोपी कार्यपालक अभियंता के ठिकानों से भारी मात्रा में नगदी (कैश), सोने-चांदी के बहुमूल्य आभूषण और महंगी ब्रांडेड घड़ियां बरामद हुई हैं। बरामद कैश का ढेर इतना बड़ा था कि उसकी गिनती के लिए विशेष निगरानी इकाई को अलग से 6 अधिकारियों को लगाना पड़ा। नोटों को गिनने और कागजी दस्तावेजों को खंगालने में टीम को घंटों मशक्कत करनी पड़ी।
एक साथ चार ठिकानों पर दी दबिश विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) को कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर वैध स्रोतों से कहीं अधिक अकूत संपत्ति अर्जित करने की सटीक गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर मामला दर्ज करते हुए एसवीयू की अलग-अलग टीमों ने एक साथ उनके पटना, वैशाली और बांका स्थित परिसरों पर धावा बोला। छापेमारी के दौरान आवासों की तलाशी ली गई, जिसमें कई बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज, बैंक खाते और निवेश से जुड़े कागजात भी हाथ लगे हैं।

बैंक खातों और बेनामी जायदाद की जांच जारी एसवीयू के सूत्रों के अनुसार, जब्त किए गए दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। जांच अधिकारियों को अंदेशा है कि मिले हुए कागजातों से कई अन्य बेनामी संपत्तियों और जमीन-जायदाद में किए गए बड़े निवेश का खुलासा हो सकता है। आरोपी अधिकारी के बैंक लॉकरों और वित्तीय लेन-देन को भी खंगाला जा रहा है, जिससे अवैध कमाई का वास्तविक आंकड़ा और बढ़ सकता है।
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