पटना, 26 सितंबर 2026: बिहार की सीमा पर मंडरा रहे खतरों से निपटने के लिए अब केंद्र और राज्य सरकार ने पूरी तरह कमर कस ली है। पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के ‘संवाद’ कक्ष में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े विभिन्न संवेदनशील विषयों पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में घुसपैठ, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल, नकली मुद्रा, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाने के लिए भारत सरकार और बिहार सरकार के मिलकर काम करने का बड़ा निर्णय लिया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सख्त निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत-नेपाल सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा और प्रबंधन को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए सशस्त्र सीमा बल यानी एस०एस०बी०, बिहार पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है।

इन मुख्य बिंदुओं पर रही विशेष नजर:
- अवैध घुसपैठ और फर्जी दस्तावेज: नेपाल सीमा पर होने वाली अवैध घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों के जरिए पहचान छिपाने वाले तत्वों पर प्रभावी रोक लगाने का कड़ा निर्देश दिया गया है।
- फर्जी बैंक खातों की पहचान: सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध एवं फर्जी म्यूल बैंक खातों की पहचान कर उन पर तुरंत आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके अलावा सीमावर्ती बैंकों में नकली नोटों की पहचान के लिए आवश्यक मशीनें उपलब्ध कराने और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।
- नशा मुक्त भारत अभियान: केंद्र सरकार के ‘नशा मुक्त भारत 2029’ के लक्ष्य के अनुरूप मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया ताकि सीमा क्षेत्र से नशीले पदार्थों की आवाजाही को पूरी तरह रोका जा सके।
- नियमित मासिक बैठकें: सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों को केंद्रीय सुरक्षा एवं जांच एजेंसियों के साथ नियमित रूप से मासिक समन्वय बैठकें करने का निर्देश दिया गया है।
- धार्मिक स्थलों और शिक्षा पर फोकस: सीमावर्ती क्षेत्रों में गैर-पंजीकृत धार्मिक स्थलों की पहचान कर प्रचलित कानूनों के तहत कार्रवाई करने तथा शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

बैठक में इन दिग्गजों की रही मौजूदगी
इस उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी विशेष रूप से शामिल हुए। इसके अलावा बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, पुलिस महानिदेशक, स्पेशल ब्रांच कुंदन कृष्णन, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारीगण और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के वरीय अधिकारी उपस्थित थे। वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीमावर्ती जिलों के तमाम जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी जुड़े हुए थे।

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