बेगूसराय को रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की सौगात, पुलिस को मिलेंगे 50 अत्याधुनिक ड्रोन

रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय और माँ सीता विश्वविद्यालय की स्थापना को मिली हरी झंडी

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास और आम जनता से जुड़े कई ऐतिहासिक एवं बड़े फैसले लिए गए हैं। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में शिक्षा, ऊर्जा, सुरक्षा और कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं पर मुहर लगी है, जिससे पूरे राज्य में खुशी की लहर दौड़ गई है।

रामधारी सिंह दिनकर की जयन्‍ती कार्यक्रम तें शामिल राज्‍यपाल एवं सीएम

बिहार के शिक्षा जगत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा है। मंत्रिपरिषद ने बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस विश्वविद्यालय के प्रारंभिक खर्च और अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

इसके साथ ही, बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के तहत पटना में ‘माँ सीता’ विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव में संशोधन करते हुए ‘माता सीता’ विश्वविद्यालय नाम से स्थापना की स्वीकृति दी गई है। इसके शुरुआती कामकाज और प्रशासनिक खर्च के लिए भी 15 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ा कदम: 50 ड्रोन और सुरक्षा उपकरणों के लिए करोड़ों मंजूर

राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद बनाने के लिए गृह विभाग को बड़ी ताकत दी गई है। पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत क्राउड कंट्रोल, नदी क्षेत्र में ऑपरेशन, अपराध नियंत्रण और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए कुल 50 आधुनिक ड्रोन खरीदे जाएंगे। इसके लिए 24.50 करोड़ रुपये (2,450 लाख रुपये) की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

इसके अतिरिक्त, जिला पुलिस, रेल पुलिस, मद्यनिषेध और राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के सुदृढ़ीकरण तथा लोक भवन के उपयोग हेतु आवश्यक उपकरणों और उपस्करों की खरीद के लिए 33.68 करोड़ रुपये (3,368.50 लाख रुपये) की राशि मंजूर की गई है।

ऊर्जा क्षेत्र और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत

पूर्ववर्ती बिहार राज्य विद्युत बोर्ड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दिनांक 31 अक्टूबर 2012 तक की अवधि के अनफंडेड टर्मिनल बेनिफिट के दायित्व के विरुद्ध वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 757.63 करोड़ रुपये की राशि बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड को पांच समान किस्तों में उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई है।

डेयरी विकास और मुख्यमंत्री गौधन विकास ऋण योजना से चमकेगी किसानों की किस्मत

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की कई योजनाओं को मंजूरी मिली है:

मुख्यमंत्री गौधन विकास ऋण योजना: वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक तीन वर्षों के लिए इस राज्य योजना को मंजूरी दी गई है, जिसकी अनुमानित लागत 1,600.10 करोड़ रुपये (1,60,00,10,000 रुपये) है।

  • कोसी क्षेत्र में डेयरी क्रांति: सुपौल, मधेपुरा और सहसा जिलों में डेयरी विकास के लिए 126.07 करोड़ रुपये (1,26,07,00,000 रुपये) की योजना को हरी झंडी मिली है। कॉमफेड, पटना के माध्यम से संचालित होने वाली इस योजना के तहत दही प्लांट, प्रीमियम आइसक्रीम प्लांट, टोटल मिक्स्ड राशन (TMR) प्लांट, भैंस हीफर फार्म, सेक्स सॉर्टेड सीमेन, नवीन दुग्ध सहकारी समितियां और मिल्क चिलिंग प्लांट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

शहीद के आश्रित को अनुकंपा पर नौकरी और अन्य महत्वपूर्ण फैसले

अनुकंपा नियुक्ति: युद्ध एवं युद्ध जैसी स्थिति में शहीद हुए सूबेदार संतोष कुमार की आश्रित पत्नी कनक कुमारी को अनुकंपा के आधार पर बिहार सरकार में नौकरी देने की स्वीकृति दी गई है।

  • पटना मेट्रो और कनेक्टिविटी: पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत जीपीओ गोलंबर के नजदीक मल्टी-मॉडल हब को पटना जंक्शन से जोड़ने वाले निर्मित भूमिगत सब-वे का आधिकारिक नामकरण ‘आचार्य किशोर कुणाल सब-वे’ कर दिया गया है।
  • स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: राज्य के 12 चिकित्सीय संस्थानों में नामांकन के आधार पर सी-डैक द्वारा विकसित ई-सुश्रुत एनएक्स एप्लीकेशन को लागू करने के लिए 29.79 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

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