बिहार के वित्तरहित शिक्षकों की हर समस्या होगी चुटकियों में हल, कमिटी गठित- सीएम  

पटना: बिहार की शिक्षा व्यवस्था में एक नया भूचाल और उम्मीद की किरण एक साथ देखने को मिली है। राजधानी पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित वित्तरहित शिक्षकों के अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बड़ा और धमाकेदार ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि वित्तरहित शिक्षकों एवं उनके प्रतिनिधियों से सीधी बात कर उनकी सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए एक विशेष कमिटी का गठन भी कर दिया है।

श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित अभिनंदन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का भव्य स्वागत करते हुए शिक्षक एवं जनप्रतिनिधिगण।

शिक्षकों का अपमान बर्दाश्त नहीं, बनेगा नया इतिहास

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की तारीफों के पुल बांधे और उन्हें छात्रों का भाग्य विधाता बताया। उन्होंने साफ किया कि सरकार शिक्षकों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। कार्यक्रम के दौरान विधान पार्षद नवल किशोर यादव ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह और पगड़ी पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद तमाम दिग्गजों ने शिक्षा जगत के भविष्य पर खुलकर चर्चा की।

बजट और विकास के आंकड़ों पर बड़ा बयान

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में झारखंड और बिहार के बजट की तुलना करते हुए राज्य की आर्थिक तरक्की पर रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में जहाँ झारखंड ने 1,39,000 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, वहीं बिहार ने 3,37,000 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट पेश कर अपनी आर्थिक मजबूती का डंका बजाया है।

शिक्षा में सुधार और बंपर बहाली का दावा

सरकार के पिछले कदमों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ताबड़तोड़ कदम उठाए जा रहे हैं। 15 जुलाई को एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराई गई और 2500 असिस्टेंट प्रोफेसरों की एक साथ बहाली की गई। इसके अलावा, 700 मॉडल स्कूलों की स्थापना की गई है जिनमें 3.5 लाख बच्चे तालीम हासिल कर रहे हैं। ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप के माध्यम से 75,000 शिक्षकों को जोड़ा गया है और रात के वक्त लगभग 1,42,000 बच्चे इस ऐप के जरिए ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं।

अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ लोगों को रोजगार देने और 1 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा महिलाओं के लिए विशेष महिला यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी जिसमें चपरासी से लेकर वीसी तक सभी पदों पर महिलाएं ही होंगी। नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय के जीर्णोद्धार और स्थापना को लेकर भी सरकार पूरी तरह से गंभीर है।

समारोह में ये दिग्गज रहे मौजूद

इस भव्य कार्यक्रम को बिहार विधान परिषद् के सभापति अवधेश नारायण सिंह, विधान पार्षद नवल किशोर यादव और विधान पार्षद नीरज कुमार ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर मंच और सभा में संजीव कुमार, वीरेन्द्र नारायण यादव, सर्वेश कुमार, एन.के. यादव, जीवन कुमार, रत्नेश कुशवाहा, और रवीन्द्र यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और वित्तरहित शिक्षक उपस्थित रहे।

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