डांडिया की धुन पर गूंजा सकरा: वेव वर्ल्ड स्कूल में नन्हें सितारों का महासंग्राम, भक्ति और गरबा के रंग में रंगा पूरा इलाका!

नर्सरी से 5वीं तक के बच्चों ने पारंपरिक परिधानों में मचाई धूम; एमडी राजीव गुप्ता बोले— “शिक्षा के साथ संस्कृति और नैतिक मूल्य ही बच्चों का असली भविष्य।”

सकरा (मुजफ्फरपुर): मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड अंतर्गत मझौलिया, प्रगति मोड़ स्थित क्षेत्र के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान वेव वर्ल्ड स्कूल के प्रांगण में नवरात्रि के पावन एवं पावन-पुनीत अवसर पर एक भव्य, रंगारंग और सांस्कृतिक गरबा सह डांडिया महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। भक्ति, अभूतपूर्व उत्साह और अपार उमंग से सराबोर इस सांस्कृतिक महासंग्राम में विद्यालय के प्ले-वे, नर्सरी से लेकर पांचवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं ने अपनी अद्भुत कलात्मकता, लयबद्धता और असीम ऊर्जा का ऐसा जीवंत प्रदर्शन किया कि पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और उपस्थित दर्शक एवं अभिभावक पूरी तरह मंत्रमुग्ध हो गए।

वेव वर्ल्ड स्कूल के प्रांगण में डांडिया और गरबा की धुन पर उत्साहपूर्वक थिरकते और अपनी कला का प्रदर्शन करते नन्हें-मुन्हें छात्र-छात्राएं।

सजावट और वातावरण: फूलों और झालरों से दुल्हन सा सजा परिसर

महोत्सव की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आयोजन को लेकर संपूर्ण विद्यालय परिसर को आकर्षक रूप से दुल्हन की तरह सजाया गया था। रंग-बिरंगे गुब्बारों, चकाचौंध पैदा करती झालरों और महकते ताजे फूलों से ढका प्रांगण हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था।

कार्यक्रम का विधिवत एवं सांस्कृतिक शुभारंभ माँ शक्ति दुर्गा के चित्रपट पर श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके साथ ही पूरा परिसर जय भवानी और देवी दुर्गा के जयकारों तथा पारंपरिक गरबा-डांडिया धुनों से गूंज उठा। भक्ति भावना से ओतप्रोत इस माहौल ने न केवल बच्चों में उत्साह का संचार किया, बल्कि संपूर्ण क्षेत्र में एक सकारात्मक और नैतिक चेतना की लहर पैदा कर दी।

कलात्मकता का महासंग्राम: डांडिया की ताल पर थिरके नन्हें सितारे

पारंपरिक और रंग-बिरंगी पोषाकों में सजे-धजे नन्हें-मुन्हें बच्चों ने जब अपने हाथों में डांडिया स्टिक लेकर मंच पर कदम रखा, तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा विद्यालय गूंज उठा। बच्चों की हर एक भंगिमा और लयबद्ध कदमताल में भारतीय संस्कृति की झलक साफ देखने को मिल रही थी।

  • नर्सरी से यूकेजी के बाल कलाकार: कौशमी, एंजेल, सृष्टि, आरोही, फलक, सिद्धार्थ, अंशी, उत्सव, साक्षी, अनन्या और शिवांगी ने अपनी मासूमियतमयी और आकर्षक प्रस्तुतियों से उपस्थित हर एक दर्शक का दिल जीत लिया।
  • कक्षा 1 से 5 वीं के छात्र-छात्राएं: निहारिका, संजना, सोनम, अभिराज, आयुष, शैफाली, अन्नू प्रिया आदि ने अनुशासित, ऊर्जावान और अत्यंत परिपक्व गरबा नृत्य प्रस्तुत कर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परचम लहराया।
वेव वर्ल्ड स्कूल के प्रांगण में डांडिया और गरबा की धुन पर उत्साहपूर्वक थिरकते और अपनी कला का प्रदर्शन करते नन्हें-मुन्हें छात्र-छात्राएं।

आधुनिक शिक्षा में सांस्कृतिक गतिविधियों का बढ़ता महत्व

आज के दौर में जहां स्कूली शिक्षा केवल किताबों और डिजिटल स्क्रीन तक सीमित होती जा रही है, वहीं वेव वर्ल्ड स्कूल द्वारा आयोजित यह डांडिया महोत्सव बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक और अनुकरणीय कदम है। इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन बच्चों के मानसिक तनाव को दूर करते हैं, उनमें आपसी सहयोग, टीमवर्क और मंच पर निडर होकर बोलने/प्रस्तुति देने के आत्मविश्वास का निर्माण करते हैं। ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बच्चों को इस तरह का भव्य मंच प्रदान करना उनकी छिपी हुई प्रतिभा को निखारने का सबसे सशक्त माध्यम साबित हो रहा है।

मार्गदर्शन और प्रेरणा: एमडी राजीव गुप्ता का ओजस्वी संबोधन

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रबंध निदेशक (एमडी) राजीव गुप्ता ने शिक्षा और संस्कृति के समन्वय पर विशेष बल दिया। अपने प्रेरणादायक और ओजस्वी संबोधन में राजीव गुप्ता ने कहा कि:

“अकादमिक योग्यता किसी भी छात्र को करियर में आगे बढ़ा सकती है, लेकिन हमारी संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्य ही उसे जीवन में एक बेहतर इंसान बनाते हैं। विद्यालय का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर छिपे हुनर को तराशना और उन्हें अपनी जड़ों से जोड़कर रखना है। शिक्षा के साथ संस्कृति और नैतिक मूल्य ही हमारे बच्चों का वास्तविक भविष्य तय करते हैं।”

अनुशासन और कुशल प्रबंधन: शिक्षकों का अनुकरणीय समर्पण

महोत्सव के सफल आयोजन, आकर्षक मंच संचालन और संपूर्ण अनुशासित व्यवस्था प्रबंधन में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं की भूमिका बेहद मुस्तैदी भरी, सक्रिय और सराहनीय रही।

शिक्षक एवं शिक्षिकाओं—  अदीबा, अर्चना, नेहा, आरती और रूपम मैम  ने अद्वितीय समन्वय और अनुशासन के साथ पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा को संभाला। शिक्षकों ने न केवल व्यवस्था की कमान मुस्तैदी से संभाली, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की हर चुनौती के लिए तैयार रहने, निरंतर सीखते रहने और जीवन के हर पड़ाव पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

समापन और क्षेत्र में उत्साह की लहर

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी बच्चों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सराहा गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। बच्चों के चेहरे की खुशी और अभिभावकों के संतोष से यह साफ झलक रहा था कि यह आयोजन सफल रहा।

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