नहीं लिया गया सबक: रोहुआ में विद्यालय के समीप नाला खुदाई के दौरान भी फटी थी पाइपलाइन
सुरक्षा की घोर अनदेखी: गैस पाइपलाइन वाले क्षेत्रों में नाला खुदाई के दौरान पुख्ता सुरक्षा उपायों की दरकार
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही-डुमरी रोड पर सोमवार (2 नवंबर 2026) को नाला निर्माण के दौरान एक भयंकर हादसा हो गया। भूमिगत पीएनजी (PNG) गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से एक जोरदार और भीषण ब्लास्ट हुआ, जिससे पूरा इलाका दहल उठा। इस दर्दनाक हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

गोबरसही-डुमरी रोड पर जेसीबी से कटी पीएनजी पाइपलाइन, 3 से 5 किमी दूर तक सुनाई दी धमाके की गूंज
घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोबरसही चौक के पास जेसीबी मशीन से नाला निर्माण के लिए खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक भूमिगत पीएनजी गैस पाइपलाइन कट गई, जिससे तेजी से गैस का रिसाव होने लगा और कुछ ही पलों में एक भीषण धमाका हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज करीब 3 से 5 किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे आसपास के लोगों में भारी दहशत फैल गई।

चार मंजिला इमारत क्षतिग्रस्त, 50 घरों के उड़े शीशे; मची चीख-पुकार से दहला पूरा इलाका
ब्लास्ट के बाद लगी भीषण आग और झटके की वजह से आसपास के लगभग 50 घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई मकानों की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए और एक चार मंजिला इमारत भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके अलावा, सड़क से गुजर रही एक थार गाड़ी और खुदाई में लगी जेसीबी मशीन के भी परखच्चे उड़ गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही सदर थाना की पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और गैस रिसाव को रोकने के प्रयास किए।

इस घटना को लेकर नगर-2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दीपक कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और बताया, “2 नवंबर 2026 को, मुजफ्फरपुर में सदर थाना अंतर्गत सूचना मिली है कि सड़क खुदाई के दौरान एक गैस पाइपलाइन फटने से दुर्घटना हुई है। इसमें कुछ लोग जख्मी भी हुए हैं तथा फिलहाल एक व्यक्ति के मृत होने की सूचना मिली है तथा चार-पाँच व्यक्ति जो हैं वो जख्मी हुए हैं जिनके इलाज हेतु अस्पताल भेजा गया है। यहाँ पर पुलिस टीम पहुँच चुकी है और यहाँ पर फायर की भी टीम पहुँच चुकी है तथा इसमें जो भी रेस्क्यू ऑपरेशन है वो सब चलाया जा रहा है। तथा इसमें जो भी अगली कार्रवाई है प्रशासन और पुलिस के द्वारा की जा रही है। “

हादसे में घायल सभी लोगों को तुरंत इलाज के लिए स्थानीय सदर अस्पताल और श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश और दहशत का माहौल बना हुआ है।

नहीं लिया गया सबक: रोहुआ में विद्यालय के समीप नाला खुदाई के दौरान भी फटी थी पाइपलाइन
प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की भारी लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ ही दिन पहले (जुलाई 2026 में) मुशहरी प्रखंड के रोहुआ हाई स्कूल (कन्हौली क्षेत्र के समीप) के पास नाला निर्माण के दौरान बिल्कुल ऐसा ही एक अन्य खतरनाक हादसा हुआ था। उस दौरान स्कूल के पास सड़क किनारे पोकलेन मशीन से नाला निर्माण के लिए खुदाई चल रही थी और मशीन जमीन के नीचे बिछी इंडियन ऑयल (IOCL) की अंडरग्राउंड गैस पाइपलाइन से टकरा गई थी, जिससे तेज आवाज के साथ गैस का रिसाव शुरू हो गया था। पाइपलाइन से निकला गैस का घना गुबार हवा में फैलते हुए रोहुआ हाई स्कूल के परिसर तक पहुंच गया था, जहां कक्षाएं चलने के दौरान अचानक फैली गैस और तेज गंध से दम घुटने की स्थिति बन गई थी और 5 स्कूली बच्चे बेहोश होकर गिर पड़े थे। गनीमत यह रही थी कि शिक्षकों की सूझबूझ और समय पर गैस रिसाव पर काबू पाने से बच्चों की जान बच गई थी, लेकिन इस पुरानी और गंभीर घटना के बावजूद कोई सबक नहीं लिया गया, जिसका खामियाजा आज गोबरसही में एक बेकसूर की जान गंवाकर और दर्जनों लोगों को गंभीर रूप से घायल करवाकर चुकाना पड़ा है।

सुरक्षा की घोर अनदेखी: गैस पाइपलाइन वाले क्षेत्रों में नाला खुदाई के दौरान पुख्ता सुरक्षा उपायों की दरकार
मुजफ्फरपुर के गोबरसही-डुमरी रोड पर हुई यह हृदयविदारक घटना और कुछ समय पहले रोहुआ हाई स्कूल के पास सामने आया हादसा इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि भूमिगत गैस पाइपलाइन वाले घनी आबादी वाले क्षेत्रों में नाला या सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों को ताक पर रख दिया जाता है। इस तरह के संवेदनशील इलाकों में बिना किसी पूर्व चेतावनी बोर्ड, रूट मैप या गैस एजेंसी के तकनीकी समन्वय के भारी-भरकम जेसीबी और पोकलेन मशीनों से अंधाधुंध खुदाई करना सीधे तौर पर आम जनता की जिंदगी से खिलवाड़ है। भविष्य में ऐसे वीभत्स हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि निर्माण कार्यों के दौरान जमीन के भीतर मौजूद यूटिलिटी लाइनों की सटीक जानकारी हेतु संबंधित विभागों से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) ली जाए, खुदाई स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा उपकरण व प्रशिक्षित तकनीकी टीम की तैनाती हो, तथा गैस रिसाव की स्थिति से तुरंत निपटने के लिए आधुनिक सेंसर और आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

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