पटना : राज्य में लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले नकली और घटिया दवाओं के सौदागरों की अब खैर नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने नकली और अवमानक दवाओं के काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए एक बेहद कड़ा और बड़ा कदम उठाया है। अब आम जनता खुद इन धंधेबाजों के खिलाफ सीधी कार्रवाई का हिस्सा बन सकती है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से एक ई-मेल आईडी और हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जिससे सीधे शिकंजा कसा जाएगा।

मौत के सौदागरों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई का फरमान
स्वास्थ्य मंत्री निशांत के सख्त निर्देशों के बाद विभाग ने यह नई व्यवस्था लागू की है। स्वास्थ्य मंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि राज्य के हर नागरिक तक सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी दवाएं पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नकली, अमानक और गुणवत्ताहीन दवाओं के निर्माण, भंडारण और वितरण पर अब पूरी तरह से पूर्ण अंकुश लगाया जाएगा।

ग्रामीण इलाकों तक फैला है नकली दवाओं का जाल
नकली दवाओं को खपाने का एक विशेष रैकेट सक्रिय है, जिसकी पहुंच अब सुदूर गांवों तक हो चुकी है। इन ग्रामीण क्षेत्रों में बिना अनुमति के और अमानक तरीके से चल रही दवा दुकानों के माध्यम से नकली दवाएं बाजार में खपाई जा रही हैं। आरोप है कि स्थानीय स्तर पर ड्रग इंस्पेक्टर सब कुछ जानते हुए भी अवैध वसूली के लालच में ऐसी दुकानों पर कार्रवाई करने से बचते हैं। जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के भ्रष्ट तंत्र और मिलीभगत पर नकेल कसे बिना नकली दवाओं के सप्लायरों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना संभव नहीं होगा।

ऐसे दर्ज कराएं अपनी शिकायत, गुप्त रखी जाएगी पहचान
यदि आपको भी बाजार में किसी मेडिकल दुकान, गोदाम या निर्माण इकाई में नकली या संदिग्ध दवाओं की बिक्री की भनक लगती है, तो आप तुरंत निम्नलिखित माध्यमों से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
- ई-मेल आईडी: drugcomplaintbihar@gmail.com (इस पर आप दिन के 24 घंटे और कभी भी अपनी शिकायत भेज सकते हैं।)
- फोन नंबर: 0612-4619634 (इस नंबर पर सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक फोन करके शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।)
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि शिकायत करने वाले नागरिकों की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी, ताकि उन्हें किसी प्रकार का डर न रहे।

दोषियों पर होगी कठोरतम कानूनी कार्रवाई : स्वास्थ्य मंत्री का संदेश
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से कहा कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी दवाएं उपलब्ध कराना तथा राज्य में नकली एवं अवमानक दवाओं के निर्माण, भंडारण और वितरण पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि दवाओं के निर्माण, भंडारण या वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नकली दवाओं की बिक्री की जानकारी मिलने पर अपनी शिकायत जरूर दर्ज कराएं। शिकायत सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का यह कड़ा रुख साफ संकेत देता है कि अब बिहार में नकली दवाओं का धंधा करने वालों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। आइए, जनभागीदारी और जनजागरूकता के जरिए स्वस्थ बिहार के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाएं।

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