एशियन गेम्स 2026 के महामंच पर भारतीय खिलाड़ियों ने ऐसा गदर मचाया है कि पूरी दुनिया देखती रह गई है। खेल के मैदान से लेकर रिंग और ट्रैक तक, तिरंगे ने बुलंदियों के नए झंडे गाड़ दिए हैं।
नई दिल्ली: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खेल इतिहास का सबसे स्वर्णिम अध्याय लिखा जा रहा है। देश के जांबाज खिलाड़ियों ने एक के बाद एक रिकॉर्ड तोड़ते हुए पदकों की ऐसी झड़ी लगाई है कि खेल जगत में भारत का डंका बज उठा है। हॉकी के मैदान से लेकर शूटिंग, कुश्ती, एथलेटिक्स और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) तक, हर जगह भारतीय एथलीटों ने अपने दम पर इतिहास रच दिया है।

हॉकी में डबल गोल्ड, सीधे ओलंपिक का टिकट
भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने महामुकाबले में अपने फौलादी इरादों का प्रदर्शन करते हुए डबल गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। दोनों टीमों ने इस शानदार जीत के साथ सीधे ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है। मैदान पर खिलाड़ियों का जोश देखने लायक था।

शूटिंग और आर्चरी में चमके सितारे
निशानेबाजों ने अचूक निशानों से एशियन गेम्स में कई नए रिकॉर्ड कायम किए। कमलजीत और सुरुचि इंदर सिंह ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भारत का पहला एशियन गेम्स गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया। इस जोड़ी ने 484.6 के स्कोर के साथ नया एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया। इसके अलावा किनान चेनाई और नीरू ने ट्रैप मिक्स्ड टीम स्पर्धा में 34/40 हिट के साथ नया एशियाई रिकॉर्ड बनाते हुए देश को गोल्ड दिलाया।

नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स में व्यक्तिगत ट्रैप गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर तहलका मचा दिया। उन्होंने 28 हिट के साथ नया एशियाई रिकॉर्ड अपने नाम किया। वहीं, किता भक्त, कीर्ति शर्मा और कुमकुम अनिल मोहोड की तिकड़ी ने महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा में धीरज बोम्मदेवरा और कुमकुम अनिल मोहोड ने रजत पदक जीता। स्कीट मिक्स्ड टीम स्पर्धा में परिनाज़ धालीवाल और अनंतजीत सिंह नरूका ने कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
एथलेटिक्स में तोड़े दशकों पुराने रिकॉर्ड
ट्रैक एंड फील्ड पर भारतीय एथलीटों ने रफ्तार का ऐसा जादू दिखाया कि पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए। किरण पहल, एम.आर पूवम्मा, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज की भारतीय टीम ने 3:29.69 का शानदार समय निकालकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह 2026 एशियन गेम्स में एथलेटिक्स में भारत का पहला स्वर्ण पदक है।

लॉन्ग जंप में एंसी सोजन ने 6.88 मीटर की लंबी छलांग के साथ सिल्वर मेडल जीता और नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने साल 2004 में बने अंजू बॉबी जॉर्ज के 6.83 मीटर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। विथ्या रामराज ने 400 मीटर हर्डल्स में 54.75 सेकंड का समय निकालकर नया भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और 42 वर्षों से चले आ रहे पुराने रिकॉर्ड को चकनाचूर कर दिया। मैराथन में सावन बरवाल ने 2:11:37 के राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ सिल्वर मेडल जीता। एशियन गेम्स के मैराथन इतिहास में 44 वर्षों बाद भारत को यह पहला पदक मिला है। इसके अलावा बारानिका इलंगोवन ने पोल वॉल्ट में कांस्य पदक जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया।

कुश्ती, बॉक्सिंग और अन्य खेलों में ऐतिहासिक उपलब्धियां
कुश्ती के अखाड़े में अमन सहरावत ने पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में एशियन गेम्स का गोल्ड जीतकर नया इतिहास रच दिया। महिला वर्ग में अंतिम पंघाल ने 53 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर इस स्पर्धा में भारत के लिए पहला एशियन गेम्स रजत पदक हासिल किया। रिंग में लवलीना बोरगोहेन ने 75 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इस वर्ग में भारत का पहला एशियन गेम्स खिताब अपने नाम किया।

वुशु के मैदान पर नाओरेम रोशिबिना देवी ने लगातार तीन एशियन गेम्स में पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनकर एक मिसाल कायम की। स्क्वैश में अनाहत सिंह महिला सिंगल्स के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं और उन्होंने रजत पदक जीता। गोल्फ में प्रणवी शरत उर्स ने भारत के पिछले रजत पदक को ऐतिहासिक स्वर्ण में बदलते हुए महिला इंडिविजुअल स्ट्रोक प्ले स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अदिति अशोक, प्रणवी शरत उर्स और दीक्षा डागर की महिला टीम ने गोल्फ में कांस्य पदक जीता।
खेल के इन महामुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि नया भारत खेल की दुनिया में एक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है। हर जीत के साथ देश का सिर गर्व से ऊंचा हो रहा है।

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