सीतामढ़ी: बिहार में पूर्ण शराबबंदी के दावों की एक बार फिर से पोल खुल गई है। एक तरफ राज्य सरकार और सत्ताधारी दल शराबबंदी कानून को अपनी सबसे बड़ी सफलता बताते नहीं थकते, वहीं दूसरी तरफ खुद जनता दल यूनाइटेड ने एक ऐसे व्यक्ति को युवा विंग का जिलाध्यक्ष बना दिया है, जो खुद शराब के मामले में जेल की हवा खा चुका है। यह मामला सीतामढ़ी जिले से सामने आया है, जहां राजनीतिक गलियारों में इस नियुक्ति को लेकर भूचाल आ गया है।

कार की सीट के अंदर छुपकर आ रही थी शराब की खेप
मामले के मुताबिक, वर्ष 2021 में रून्नीसैदपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सत्यप्रकाश मंडल को शराब के साथ गिरफ्तार किया था और जेल भेजा था। उस दौरान वह मारुति सुजुकी कार से कहीं जा रहा था। पुलिस ने जब शक के आधार पर उसकी गाड़ी की तलाशी ली, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। कार की सीट के अंदर गुप्त तरीके से अंग्रेजी शराब की बोतलें छुपा कर रखी गई थीं। पुलिस ने वाहन से इंपीरियल ब्लू ब्रांड की दो शराब की बोतलें बरामद की थीं और आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया था।

फोन पर सफाई देने से बचते नजर आए नवनियुक्त जिलाध्यक्ष
जब इस पूरे विवाद और पूर्व में हुई गिरफ्तारी के संबंध में मीडिया (न्यूज़ भारत टीवी) की ओर से नवनियुक्त युवा जदयू जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश मंडल से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, तो वे सीधे तौर पर जवाब देने से बचते नजर आए। बातचीत के दौरान जब उनसे 2021 के मामले और राष्ट्रीय जनता दल के ट्वीट के बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने पहले तो अपनी नियुक्ति के लिए पार्टी नेतृत्व का आभार जताया और बधाई दी, लेकिन पुराने आपराधिक मामले से जुड़ा सवाल आते ही वे गोलमोल जवाब देने लगे। उन्होंने यह कहते हुए फोन काट दिया कि वे अभी किसी काम में व्यस्त हैं और इस बारे में बाद में बात करेंगे। बार-बार प्रयास करने के बावजूद उन्होंने इस गंभीर आरोप पर कुछ भी स्पष्ट बोलने से साफ परहेज किया।

कानून की धज्जियां उड़ाने वाले को मिला इनाम
अब इसी सत्यप्रकाश मंडल को जनता दल यूनाइटेड संगठन ने सीतामढ़ी जिले में युवा जनता दल यूनाइटेड का जिलाध्यक्ष मनोनीत कर दिया है। जिस पार्टी के सर्वोच्च नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में शराबबंदी कानून लागू किया था और जिसके कड़े पालन का दावा किया जाता है, उसी पार्टी के भीतर ऐसे शख्स को इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
इस नियुक्ति के सामने आने के बाद विपक्ष ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला है। राष्ट्रीय जनता दल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए इस पर करारा तंज कसा है और तीखे सवाल उठाए हैं। राष्ट्रीय जनता दल ने पोस्ट में लिखा है कि एक तरफ शराब पिएंगे, पिलाएंगे, शराब बेचेंगे और कमाएंगे, तो दूसरी तरफ शराब माफिया को गले लगाकर सर आंखों पर बिठाया जा रहा है। क्या शराबबंदी कानून केवल गरीबों को जेल में बंद करने के लिए ही बचा है?
बहरहाल, शराब तस्करी के आरोप में जेल जा चुके व्यक्ति को खुलेआम राजनीतिक पद से नवाजे जाने के बाद अब यह मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है और आम जनता के बीच भी इस पर तीखी चर्चा शुरू हो गई है।


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