ताजपुर/समस्तीपुर 3 अक्टूबर 2026
ताजपुर और समस्तीपुर क्षेत्र में शनिवार को राजनीतिक पारा उस समय सातवें आसमान पर पहुंच गया, जब भाकपा माले की ताजपुर प्रखंड कमिटी के बैनर तले दर्जनों की संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग सड़कों पर उतर आए। विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ आयोजित इस जनाक्रोश मार्च के दौरान पूरा इलाका सरकार विरोधी नारों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उग्र नारों के साथ निकला मार्च
शनिवार को पूर्वाह्न फतेहपुर चौक पर भारी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए। यहाँ से हाथों में लाल झंडे और तख्तियाँ लेकर प्रदर्शनकारियों ने जोरदार मार्च निकाला। मार्च फतेहपुर चौक से शुरू होकर मोतीपुर सब्जी मंडी तक गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ उग्र नारेबाजी की। “वोट चोर मोदी-शाह गद्दी छोड़”, “ज्ञानेश कुमार मोदी का यार है-देश का गद्दार है”, “विशेष गहन पुनरीक्षण को रद्द करो” और “वोट चोर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

मोतीपुर सब्जी मंडी में हुई विशाल सभा
मोतीपुर सब्जी मंडी पहुँचकर यह मार्च एक विशाल जनसभा में तब्दील हो गया। सभा की अध्यक्षता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने की। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को चुनावी अधिकारों पर सीधा डाका बताया।
सभा को संबोधित करने वाले प्रमुख वक्ताओं में ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, प्रभात रंजन गुप्ता, शंकर महतो, मनोज कुमार सिंह, संजीव राय, सुलेखा कुमारी, आशा कुमारी एवं सुनीता कुमारी शामिल रहे। इन सभी नेताओं ने एक स्वर में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफे की मांग की।

बंदना सिंह ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
सभा को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य बंदना सिंह ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने सोची-समझी रणनीति के तहत चुनाव आयोग की संरचना और कार्यप्रणाली में बदलाव किया है ताकि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सके।
उन्होंने गंभीर दावा करते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के माध्यम से सुनियोजित तरीके से बड़ी संख्या में आम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे सीधे तौर पर जनता के संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस तानाशाही के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी, बल्कि इस मुद्दे को लेकर गांव-गांव तक आंदोलन चलाया जाएगा और जनता को जागरूक किया जाएगा।

चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कर जताया कड़ा विरोध
कार्यक्रम के अंतिम चरण में आक्रोशित प्रदर्शनकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। पुतला फूंककर कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया और चेतावनी दी कि यदि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को तुरंत रद्द नहीं किया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।

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