त्रिकोणीय मुकाबले में फंसा गढ़, बीजेपी के दावों पर राजद और जन सुराज का तीखा वार, आरोप-प्रत्यारोप के बीच मतदान संपन्न
पटना: बिहार की राजनीति के सबसे हाई-प्रोफाइल अखाड़े बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनता ने अपना फैसला ईवीएम (EVM) में बंद कर दिया है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक मुस्तैदी के बीच मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। अब सभी राजनीतिक दलों की सांसें थम चुकी हैं और हर किसी की निगाहें 3 अगस्त को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। क्या बीजेपी अपना अभेद्य किला बचाने में सफल रहेगी, क्या जन सुराज राजनीतिक उलटफेर करेगा या फिर राजद लालटेन जलाकर नया इतिहास लिखेगा?

मतदान का आंकड़ा:
निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान की शुरुआत धीमी रही, लेकिन दिन ढलने के साथ गति पकड़ी:
- सुबह 9 बजे तक: 4.61 प्रतिशत मतदान
- सुबह 11 बजे तक: 11.50 प्रतिशत मतदान
- दोपहर 1 बजे तक: 20.01 प्रतिशत मतदान
- यहां शाम 6 बजे तक 34.30 फीसदी मतदान हुआ और इसका फाइनल आंकड़ा थोड़ा बढ़ सकता है। पटना में सुबह कुछ इलाकों में बारिश और दोपहर में मौसम साफ होने के बावजूद मतदान की रफ्तार धीमी ही रही, वैसे भी बांकीपुर बिहार की उन सीटों में शामिल है जहां हमेशा मतदान का प्रतिशत कम रहता है (2025 के चुनाव में भी 41 फीसदी वोटिंग हुई थी)।
प्रतिष्ठा की जंग: त्रिकोणीय हुआ मुकाबला
बांकीपुर विधानसभा सीट को लंबे समय से बीजेपी का पारंपरिक गढ़ माना जाता रहा है। हालांकि इस बार मुकाबला त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प हो गया है। बीजेपी की ओर से नीरज कुमार सिन्हा मैदान में हैं, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने रेखा गुप्ता को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं दूसरी तरफ, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर स्वयं चुनाव मैदान में उतरकर इस मुकाबले को बेहद कठिन बना चुके हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव जहां बीजेपी के लिए अपनी साख बचाने की चुनौती है, वहीं प्रशांत किशोर के लिए उनके राजनीतिक वजूद और प्रतिष्ठा की सबसे बड़ी परीक्षा है।
दिग्गजों ने डाला वोट, नेताओं ने किए जीत के दावे
चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर मतदाताओं में भारी उत्साह देखा गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी सहित कई प्रमुख हस्तियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
- रामकृपाल यादव (बिहार सरकार के मंत्री): मतदान के बाद जीत का दावा करते हुए उन्होंने कहा, “बांकीपुर में बीजेपी की जीत पूरी तरह तय है। कौन हैं प्रशांत किशोर? उनकी राजनीति का बांकीपुर में कोई असर नहीं होने वाला।”
- प्रशांत किशोर (संस्थापक व प्रत्याशी, जन सुराज): बीजेपी के दावों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा, “यह हार की बौखलाहट है। जिस इलाके में वे 85 से 90 प्रतिशत वोट पाने का दावा करते थे, वहां वे बुरी तरह हार रहे हैं। इसी हताशा में बाहर से असामाजिक तत्वों को बुलाकर लोगों को डराया-धमकाया गया। दो-तीन वार्डों में प्रशासन भी उनकी मदद कर रहा था। लेकिन अब ईवीएम में उनका भविष्य बंद हो चुका है और बीजेपी का काम खत्म हो गया है।”
- तेजस्वी यादव (नेता प्रतिपक्ष): राजद की ओर से बड़ा दावा करते हुए उन्होंने कहा, “बांकीपुर की जनता ने बदलाव का मन बना लिया है। बीजेपी की करारी हार तय है। 3 अगस्त को जब मतगणना के नतीजे आएंगे, तब बांकीपुर में लालटेन जलना तय है।”
रोहिणी आचार्या का तीखा हमला: बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
मतदान के दौरान राजद नेता रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बीजेपी पर धांधली और अराजकता फैलाने का बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए बीजेपी हर गलत हथकंडा अपनाती है। विरोधी दल के कार्यकर्ताओं और पोलिंग एजेंट्स के साथ मारपीट करना, गुंडों की मदद से मतदाताओं को रोकना, सरकारी मशीनरी और पुलिस का दुरुपयोग करना तथा ईवीएम में खराबी के बहाने मतदान की प्रक्रिया को धीमा करना बीजेपी का पुराना तरीका रहा है।
कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई प्रक्रिया
निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण कराने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और बिहार पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों और वेबकास्टिंग के जरिए राज्य स्तर से पल-पल की निगरानी की जा रही थी। अब 3 अगस्त को मतगणना के बाद ही साफ हो पाएगा कि बांकीपुर की जनता ने किस पर अपना विश्वास जताया है।

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