सड़क, सिंचाई और स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी योजनाओं में तेजी लाने के सख्त निर्देश; 2,000 करोड़ का सीएसआर फंड जुटाने का विशाल लक्ष्य निर्धारित
पटना, 28 जुलाई 2026 : बिहार के विकास की रफ्तार को दोगुनी ताकत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में चल रही महापरियोजनाओं की कमान खुद संभाल ली है। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘बिहार गति’ के तहत चिन्हित 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं तथा केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता किए बिना सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा, “बिहार ने विकास की जो रफ्तार पकड़ी है, अब उसे और आगे बढ़ाना है। काम में आने वाली हर बाधा का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।”

1. सिंचाई व जल प्रबंधन: मानसून खत्म होते ही युद्ध स्तर पर शुरू होगा काम
जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का रोडमैप तय किया:
- कोसी-मेची इंटर स्टेट लिंक परियोजना: मानसून समाप्त होते ही इसके निर्माण कार्य में पूरी ताकत के साथ तेजी लाने का निर्देश दिया गया। सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ अड़चनों को दूर करने को कहा गया।
- नॉर्थ कोयल जलाशय परियोजना: इसके कार्यों में तेजी लाकर राज्य की सिंचाई क्षमता बढ़ाने और किसानों तक जल्द से जल्द पानी पहुँचाने पर विशेष बल दिया गया।
- मंडाई वीयर परियोजना: इसकी नियमित निगरानी करते हुए तय समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया गया ताकि जल प्रबंधन ढाँचा और मजबूत हो सके।

2. सड़क बुनियादी ढाँचा: 6-लेन और 4-लेन कॉरिडोर से बदलेगी राज्य की तस्वीर
पथ निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए सम्राट चौधरी ने राज्य के विशाल रोड नेटवर्क प्रोजेक्ट्स को गति देने का निर्देश दिया:
- वाराणसी-रांची-कोलकाता 6 लेन कॉरिडोर
- आमस-दरभंगा 4 लेन परियोजना
- कन्हौली-शेरपुर (एनएच-131जी) 6 लेन परियोजना
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि भूमि अधिग्रहण, वन विभाग की स्वीकृति तथा अन्य प्रशासनिक अड़चनों का तत्काल निपटारा किया जाए। इन सड़कों के बनने से राज्य में आवागमन सुगम होगा और औद्योगिक व आर्थिक गतिविधियों को भारी बढ़ावा मिलेगा।
3. स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा फैसला: 14 अगस्त तक ‘टीबी मुक्त बिहार‘ का महाअभियान
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्देश दिया:
- 2 जुलाई 2026 से 14 अगस्त 2026 तक चलाए जा रहे विशेष टीबी मुक्त बिहार अभियान को जनभागीदारी के साथ सफल बनाने का आह्वान किया।
- राज्य के सभी बंद पड़े टीबी केंद्रों को तुरंत पूर्णतः कार्यशील बनाने का आदेश दिया गया।
- हर प्रखंड, पंचायत और गाँव तक मोबाइल स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से संभावित मरीजों की पहचान की जाएगी।
- मरीजों को समय पर इलाज, मुफ्त दवाएं और पोषण सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

4. 2,000 करोड़ रुपये का विशाल सीएसआर फंड जुटाने का लक्ष्य
राज्य के समग्र विकास के लिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के जरिए 2,000 करोड़ रुपये का फंड जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने उद्योगों और कॉर्पोरेट संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय बनाकर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। इस फंड का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, खेल, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं में किया जाएगा।
बैठक में मौजूद प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी:
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य प्रशासन के शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जयकुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह, खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह तथा राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय सहित अन्य सभी संबंधित विभागों के वरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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